कीव। रूस और यूक्रेन युद्ध में अब सब कुछ बिना नियम के चल रहा है। यूक्रेन के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कई इलाकों से पीछे हटी रूसी सेना ने अब नागरिकों पर हमले शुरू कर दिए हैं। जिसमें खार्किव में थर्मल पावर स्टेशन सहित कई नागरिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे व्यापक ब्लैकआउट हो गया है। यूक्रेन के सेना प्रमुख ने कहा कि यूक्रेनी सेनाएं खार्किव क्षेत्र में उत्तर की ओर आगे बढ़ी है जिससे रूस पीछे हटने पर मजबूर हो गया है। यूक्रेन राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रूसी हमलों से खार्कीव और डोनेस्तक क्षेत्रों में पूरा ब्लैकआउट और जपोरिज्जिया, निप्रॉपेट्रोस और सूमी में आंशिक ब्लैकआउट हुआ है। रूस अब बिजली संयंत्रों और नागरिक ठिकानों को निशाना बना रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच छह महीने से लड़ाई जारी है। इन छह महीनों में कई बार ऐसे मौके आए जब लगा कि यूक्रेनी सैनिक शक्तिशाली रूस के सामने दम तोड़ देंगे। लेकिन राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के हौसले और सैनिकों के साहस ने यूक्रेन को लड़ाई में बनाए रखा।
यूक्रेनी सैनिकों ने रूस को जोरदार झटका दिया है। यूक्रेनी सैनिक ने रूस के मजबूत कब्जे वाले खारकीव प्रांत के इजियम शहर में कब्जा कर लिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने खारकीव से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है। रूस के इस मामले में अपने अलग तर्क हों। लेकिन उसका यह फैसला लड़ाई का निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। रूस के लिए मार्च में कीव गंवाने के बाद इसको दूसरा सबसे बड़ा झटका माना है। यूक्रेन पर हमले के बाद रूसी सैनिकों ने एक सप्ताह के भीतर खारकीव के इजियम शहर पर कब्जा कर लिया था। इजियम रणनीतिक रूप से रसद मार्ग है। रूसी सैनिकों के यहां से पीछे हटने के बाद यूक्रेन ने कुपियांस्क रेलवे जंक्शन पर कब्जा जमा लिया। इससे रूस के लिए दोनाबास में रसद पहुंचाने का रास्ता अब बंद हो गया है। रूसी सैनिक बड़ी संख्या में यहां गोला.बारूद के भंडार और उपकरणों छोड़कर वापस लौट गए। यह रूस के लिए बड़ा नुकसान माना है। यूक्रेनी सैनिकों ने इसी महीने की शुरुआत से रूसी सैनिकों पर हमले तेज कर दिए। यूक्रेन के सैनिक तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार जवाबी कार्रवाई शुरू होने के बाद से दो हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को यूक्रेन ने मुक्त करा लिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रात में दिए संबोधन में कहा कि हमारी सेना ने खारकीव में 30 से अधिक मोर्चों को फिर से कब्जे में ले लिया। अब आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रहेगा।
