नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के 135 वें दिन देर रात रूसी सेना ने खारकीव सिटी पर लंबी दूरी की मिसाइलों से भीषण गोलाबारी की है। यूक्रेन में विद्रोहियों के दावे वाले दोनेस्क में 24 घंटे से जारी गोलाबारी में आठ लोग मारे गए जबकि 25 लोग घायल हो गए। वहीं दूसरी तरफ रूस समर्थक अलगाववादियों ने कहा कि यूक्रेन सेना के हमले में उनके चार नागरिक मारे गए हैं। खारकीव शहर में रूसी सेना तेजी से हमले कर रही है।
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यूक्रेन सैनिकों ने युद्ध के शुरुआती दौर में रूस के बख्तरबंद सैनिको को पीछे धकेल दिया था। रूसी सैनिक आने वाले सप्ताह में दोनेस्क के क्रामातोर्स्क पर कब्जा करने की स्थिति में होंगे। पिछले कुछ दिनों से शहर से अधिकांश नागरिक बाहर निकल आए हैं। उधर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनकी सेना ने दो अमेरिका उन्नत रॉकेट सिस्टम और दोनेस्क में गोला-बारूद का डिपो नष्ट कर दिया। जबकि यूक्रेन ने इससे साफ इनकार किया है।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने कहा कि यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद खाद्य पदार्थ और ऊर्जा कीमतों में भारी वृद्धि के कारण पूरी दुनिया में 7.1 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा के नीचे आ गए है। यूएनडीपी का दावा है कि युद्ध शुरू होने के बाद पहले तीन महीने में 5.16 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा के नीचे आए थे। वो प्रति दिन 1.90 डॉलर या कम पैसे में जीवन जी रहे हैं। इसी के साथ विश्व की कुल आबादी का नौ फीसदी हिस्सा गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गया। करीब दो करोड़ लोग प्रतिदिन 3.20 डॉलर से कम में जीवन गुजार रहे हैं।
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पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंध का असर ईंधन और खाद्य पदार्थों जैसे गेहूं, चीनी और खाना पकाने के तेल की कीमतें बढ़ गईं हैं। यूक्रेन के बंदरगाह अवरुद्ध होने और कम आय वाले देशों को अनाज नहीं निर्यात कर पाने से कीमतों में वृद्धि हुई है। यूएनडीपी प्रशासक स्टीनर ने कहा कि जीवन यापन के खर्च पर पड़ने वाला प्रभाव गंभीर है।

