कीव। स्नेक आइलैंड की हार से गुस्से में रुस ने यूक्रेन के बंदरगाहों को अब मिसाइलों से निशाना बनाना शुरू कर दिया है। बता दें कि रुस यूक्रेन युद्ध अब 129 वें दिन में पहुंच चुका है। यूक्रेन ने रुस के स्नेक आइलैंड को बुरी तरह से तबाह कर दिया है। जिसके बाद रूस ने यूक्रेन के बंदरगाह ओडेसा पर मिसाइल का भीषण हमला किया है। रूस ने पहले अन्ेक आइलैंड से अपनी सेना को वापस बुलाया और उसके बाद यह हमला किया है। रूस ने आइलैंड की हार का बदला लेने के लिए ही ओडेसा पर भीषण मिसाइल हमला किया। जिसमें अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। हमले में एक बहुमंजिला इमारत पूरी तरह से बर्बाद हो गई। रूस के स्नेक आइलैंड से हटने से यूक्रेन अपने गेहूं का कुछ निर्यात अब कर सकेगा।
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स्नेक आइलैंड पर कब्जा करने के बाद रूस यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर दबाव बनाना चाहता था। लेकिन यूक्रेन की सेना के हमलों के आगे रूस की सेना को झुकना पड़ा और उसे स्नेक आइलैंड खाली करना पड़ा। उधर, रूस ने दावा किया कि उसने सद्भावना के नाते अपनी सेना को वापस बुलाया है। इस बीच रूस ने यूक्रेन के पूर्वी इलाके में अंतिम गढ़ लुहांस्क पर कब्जे को अपनी पूरी ताकत लगा दी। रूस समर्थक विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्हें यहां बढ़त मिल रही है।
यूक्रेन के पास केवल तीन व्यवसायिक बंदरगाह बचे
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है। रूस ने मिसाइलों से ओडेसा में जोरदार हमला किया है। स्नेक आइलैंड यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से दोनों पक्षों के बीच लड़ाई का मैदान बना हुआ है। रूस ने 48 किमी दूर स्थित द्वीप पर पहले कब्जा किया था। लेकिन अब उसे हटना पड़ा। रूस के इस द्वीप से हटने को यूक्रेन बड़ी जीत मान रहा है। रूस ने एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें लगाकर इसको एक किला बनाना चाहा था जिससे यहां पर एयर स्पेस और समुद्री रास्ते पर वह कब्जा कर सके। यूक्रेन ने भले इस द्वीप पर कब्जा कर लिया लेकिन उसे इसके लिए कई ड्रोन गंवाने पड़े। रूस ने इन्हें मार गिराया है। यूक्रेन की सेना ने तोपों और मिसाइल हमलों के बाद रूसी सैनिक स्पीडबोट से द्वीप से भाग निकले हैं। । सैनिकों की सटीक संख्या की अभी जानकारी नहीं हुई है।

