लेन-देन, खरीदारी, बीमा और टोल भुगतान का तरीका तक बदल जायेगा
न्यूज डेस्क। नया साल जीवन में बदलाव लेकर आता है। कई बार लोग भी अपने जीवन में बदलाव लाने का संकल्प लेते हैं। लेकिन आने वाले साल 2021 में कुछ नियमों में भी बदलाव होने जा रहा है जो आपके जीवन पर प्रभाव डालेंगे। इन बदले नियमों में से कोई आपकी जेब को ढीली करेगा तो कोई आपके जीवन में राहत लायेगा। नये साल पर पैसों के लेन-देन से लेकर खरीदारी, बीमा और यहां तक की सफर करने पर टोल भुगतान का तरीका तक बदल जायेगा। ऐसे में जरूरी है कि आपको इन बदले नियमों की जानकारी हो ताकि आप अपनी सुविधानुसार इनका लाभ उठा सकें और जानकारी के अभाव में होने वाले नुकसान से भी खुद को बचा सकें।
चेक से भुगतान होगा सुरक्षित, काॅन्टैक्टलेस कार्ड से 5000 तक का लेनदेन
चेक पर फर्जी साइन कर या किसी अन्य प्रकार की धोखाधड़ी कर बैंक से पैसे निकालने के अनेक मामले सामने आते हैं। ऐसे में लोगों की गाढ़ी कमाई का धोखाधड़ी की भेंट चढ़ जाने से बचाने के लिये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पाॅजिटिव पे सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अन्र्तगत 50000 रूपये से अधिक के पेमेंट का चेक काटने पर उपभोक्ता को बैंक को अपनी सहमति देनी होगी। ग्राहक बैंक को यह सहमति अनेक उपलब्ध साधन जैसे फोन काॅल, एसएमएस, ई-मेल या विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराये गये विभिन्न साधनों के माध्यम से देनी होगी। इससे बैंकिंग में चेक से होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।

वहीं काॅन्टैक्टलेस कार्ड से लेन-देन की सीमा 2000 रूपये होने के कारण ग्राहको को होनी वाली असुविधा को देखते हुए आरबीआई ने 5000 रुपये तक का ट्रांजेक्शन एक बार में करने की सुविधा दी है। इससे जहां ग्राहको को राहत मिलेगी वहीं वह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने को प्रेरित होंगे।

महंगा होगा थर्ड पार्टी के जरिए पैसा भेजना
1 जनवरी से अमेजन पे, गूगल पे और फोन पे आदि से लेन- देन करने पर उपभोक्ता को अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है। दरअसल एनपीसीआइ ने 1 जनवरी से थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स की ओर से चलाई जाने वाली यूपीआई पेमेंट सर्विस पर अतिरिक्त चार्ज लगाने का निर्णय लिया है। नये साल पर थर्ड पार्टी ऐप के ऊपर 30 फीसदी का कैप लगा दिया है। जिसके कारण ग्राहको को भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

वाहनों पर फास्टैग लगाना होगा अनिवार्य
1 जनवरी 2021 से टोल प्लाजा पर टोल टैक्स के भुगतान के तरीके में बदलाव किया गया है। यदि आपके वाहन पर फास्टैग नहीं लगा है तो आपके लिये टोल पार करना मुश्किल ही नहीं बल्कि दोगुना महंगा भी होगा। दरअसल टोल प्लाजा पर कैश लाइनों पर भुगतान के लिये लगी वाहनों की लंबी कतारों के कारण जाम लगा रहता है। ऐसे मेें यदि वाहन पर फास्टैग लगा हो तो उसे टोल से निकलने में समय नहीं लगता। यदि आपके वाहन पर फास्टैग नहीं है तो आपको टोल से पहले रोक दिया जायेगा और वहां मौजूद एनएचएआई और विभिन्न बैंकों के काउंटर से फास्टैग लेेने को कहा जायेगा।

कार और बाइक खरीदना होगा महंगा
नये साल पर वाहन कंपनियों जैसे हीरो, मारुति सुजुकी इंडिया, हीरो मोटोकाॅर्प, रेनाॅ, होंडा कार्स इंडिया, टाटा मोटर्स, एमजी मोटर इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपने वाहनों की कीमत बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे नये साल पर आपको कार या बाइक खरीदना महंगा पड़ेगा। जाहिर है इसका असर आपकी जेब पर पड़ेगा।

सरल जीवन बीमा पाॅलिसी देगी सुरक्षा
लोगों को जीवन बीमा के प्रति आकर्षित करने और उनके परिवार को बीमा सुरक्षा प्रदान करने के उद्देशय से बीमा नियामक इरडा ने एक स्टैंडर्ड टर्म इंश्योरेंस लागू करने के लिये सभी बीमा कंपनियों को निर्देश दिये हैं। इसके अन्र्तगत 1 जनवरी से ‘सरल जीवन बीमा’ लाॅन्च किया जायेगा जिसमें ग्राहकों को कंपनियो की ओर से पूर्ण जानकारी दी जायेगी। 18 से 65 वर्ष के लोग सरल जीवन बीमा खरीद सकेंगे और पाॅलिसी 5 लाख से 25 लाख रुपये तक (50 हजार के गुणक में) की रहेगी। स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस प्राॅडक्ट्स की लांचिग के बाद लोगो का रूझान बीमा पाॅलिसी लेने की ओर बढ़ेगा।

म्यूचुअल फंड में निवेश करना होगा अधिक सुरक्षित
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने म्यूचुअल फंड के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं, जिससे निवेशकों का रिस्क कम किया जा सके। नए नियमों के मुताबिक अब फंड्स का 75 फीसदी हिस्सा इक्विटी में निवेश करना जरूरी होगा, जो कि अभी न्यूनतम 65 फीसदी है। बाकी का 25 फीसदी लार्ज कैप में लगाना होगा। इससे निवेशको की लगाई गयी रकम को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। वहीं फंड मैनेजर्स द्वारा अपनी मनमर्जी से आवंटन किये जाने पर भी रोक लगेगी।

जीएसटी रिटर्न भरने में राहत
जीएसटी रिर्टन भरने में छोटे कारोबारियों को परेशानी उठानी पड़ती थी। क्योंकि इस वक्त कारोबारियों को मासिक आधार पर 12 रिटर्न, जीएसटीआर-3बी और 4 जीएसटीआर-1 भरना होता है। ऐसे में जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिये सरकार ने सार्थक कदम उठाये हैं। इसके अन्र्तगत ऐसे कारोबारी जिनका पिछले वित्त वर्ष में वार्षिक कारोबार पांच करोड़ रुपये तक रहा है और जिन्होंने अपना अक्तूबर का जीएसटीआर-3बी (बिक्री) रिटर्न 30 नवंबर, 2020 तक जमा कर दिया है, को अगले साल जनवरी से वर्ष के दौरान सिर्फ 4 सेल्स रिटर्न फाइल करने होंगें। वहीं एक जनवरी से ही जीएसटी कानून के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर होने पर बिजनस टू बिजनस भुगतान के लिए ई-इनवाॅइस होना आवश्यक रहेगा।

कुछ एंड्राॅयड और आईओएस स्मार्टफोन् पर व्हाट्सऐप नहीं करेगा काम
व्हाट्सऐप आम लोगों की जिंदगी में बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। लेकिन एक जनवरी से कुछ एंड्राॅयड और आईओएस स्मार्टफोन् पर व्हाट्सऐप कार्य करना बंद कर देगा। कंपनी की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार जिन मोबाइल फोन के साॅफ्टवेयर पुराने हो गये हैं उन मोबाइल पर व्हाट्सऐप कार्य नहीं करेगा। हां, उपभोक्ता अपने मोबाइल का साॅफ्टवेयर को अपडेट करने का प्रयास कर सकते हैं क्योंकि अपडेट हो जाने पर व्हाट्सऐप कार्य करेगा नहीं तो ग्राहक को मोबाइल बदलना पड़ सकता है। फोन को कम से कम 9 और उसके आगे और एंड्रॉयड यूजर्स को एंड्रॉयड 4.0.3 या ज्यादा नए वर्जन में अपडेट करना होगा

लैंडलाइन से मोबाइल पर किया काॅल तो लगाना होगा शून्य
नये साल पर लैंडलाइन से फोन करने के तरीके में भी बदलाव होने जा रहा है। 15 जनवरी से यदि आप किसी व्यक्ति के मोबाइल पर लैंडलाइन से फोन करते हैं तो आपको मोबाइल नंबर से पहले ‘0’ लगाना जरूरी होगा। हालांकि लैंडलाइन से लैंडलाइन, मोबाइल से लैंडलाइन और मोबाइल से मोबाइल पर काॅल करने के लिए डायलिंग प्लान में कोई बदलाव नहीं होगा। इस बदलाव से दूरसंचार कंपनियों को मोबाइल सेवाओं के लिए 254.4 करोड़ अतिरिक्त नंबर तैयार करने की सुविधा मिलेगी और भविष्य की जरूरतें पूरी होंगी।


