रुद्र का अभिषेक मिटा देगा हर कष्ट

धर्मरुद्र का अभिषेक मिटा देगा हर कष्ट

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रुद्र का अभिषेक मिटा देगा हर कष्ट

सावन महीने में रुद्राभिषेक करने का है खास महत्व
ग्रह बाधाओं – परेशानियों से मिलेगी मुक्ति

भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर हमेशा कृपा करते हैं। सावन मास में उनकी पूजा का विशेष महत्व माना गया है। कहा जाता है कि ‘इस महीने में रुद्राभिषेक करवाने से हर कष्ट और बाधा से मुक्ति मिलती है और भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर मनोकामना को पूरी करते हैं’।

भगवान भोलेनाथ को अति शीघ्र प्रसन्न करने का सबसे प्रभावी तरीका रुद्राभिषेक को ही माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान रुद्र का अभिषेक सावन महीने में करवाने से भक्तों के जीवन में चमत्कार होने लगते हैं।

सच्चे मन से करें अभिषेक
शास्त्रों में कहा गया है कि सच्चे मन से की गई हर पूजा हर विधान और हर कर्म जीवन को उन्नति की ओर ले कर जाता है। ऐसे ही भगवान रुद्र का अभिषेक भक्तों को पूरे विश्वास और सच्चे मन से करना चाहिए। शिवलिंग पर रुद्रो के मंत्रों के पाठ भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम उपाय है।

विशेष दिनों में मिलता है अत्यंत लाभ

सावन महीने में या किसी भी सोमवार, प्रदोष व शिवरात्रि के दौरान रुद्राभिषेक करने से अत्यंत लाभ की प्राप्ति होती है शास्त्रों में बताया गया है कि सावन महीने में आने वाली शिवरात्रि के दिन यदि रुद्र का अभिषेक करवाया जाए तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है यह अभिषेक रोग, दोष, कष्ट, क्लेश,मुसीबतों से छुटकारा दिलवाता है।

रुद्र का अभिषेक मिटा देगा हर कष्ट
रुद्र अभिषेक

रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों से खुलते है तरक्की के द्वार

भगवान शिव के प्रचंड रूप को ही रुद्र कहा जाता है और अलग-अलग चीजों से र होने वाले इनके अभिषेक को ही रुद्राभिषेक कहते हैं। रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों द्वारा होने वाले इस अभिषेक के जरिए तरक्की के द्वारों को आसानी से खोला जा सकता है। रुद्राभिषेक का महत्व खुद भगवान शिव ने मां पार्वती को बताया था। कहा जाता है कि भगवान भोलेनाथ अपनी सवारी पर बैठकर पूरे परिवार सहित एक बार विहार करने निकले थे। उसी दौरान मृत्यु लोक में कुछ लोग रुद्राभिषेक कर रहे थे। माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा ” ‘हे नाथ’, इस तरह आप की पूजा करने वाले यह कौन लोग हैं? इस पूजा का क्या महत्व है? इसका क्या फल मिलता है? तब भगवान शिव ने खुद रुद्राभिषेक के महत्व को माता पार्वती को बताया था। वह बोले ‘हे पार्वती’ , “मेरे आशुतोष स्वरूप का अलग-अलग पदार्थों से मंत्रों द्वारा किये जा रहे इस पूजन को रुद्राभिषेक कहते हैं”। मनुष्य अपनी मनोकामना को पूरी करने की इच्छा से इस अभिषेक को करता है। ऐसा करने से शीघ्र ही उसकी मनोकामना पूरी होती है”।

ऐसे मिलता है प्रभाव

रुद्राभिषेक में अलग-अलग पदार्थों का प्रयोग कर भोलेनाथ का अभिषेक किया जाता है। मनुष्य के मन में जो भी कामना होती है उसी के अनुसार द्रव्य का इस्तेमाल किया जाता है। दुख व रोगों से मुक्ति के लिए कुशा जल, मकान वे वाहन की इच्छा से दही, कर्ज से छुटकारा पाने के लिए गन्ने का रस, धन वृद्धि के लिए शहद, मोक्ष की प्राप्ति के लिए तीर्थ जल, पुत्र शांति के लिए गाय के दूध, शत्रु नाश के लिए सरसों का तेल, पापों से मुक्ति के लिए शुद्ध शहद से रुद्राभिषेक करवाना चाहिए।

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