कराची। परमाणु हथियारों पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बयान सामने आने के बाद पाकिस्तान में बवाल मच गया है। मुस्लीम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान में जुबानी जंग छिड़ी है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने परमाणु हथियारों पर बाइडन की टिप्पणी के बाद ट्वीटर पर पूछा कि उन्होंने यह बयान किस आधार पर दिया। खान ने दावा किया कि इसके विपरीत अमेरिका दुनिया के युद्धों में शामिल रहा है। पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों को अपनाने के बाद कब आक्रामकता दिखाई।
इमरान ने अपने ट्वीट में कहा कि क्या बाइडन का यह बयान, आयातित सरकार की विदेश नीति की पूरी विफलता और अमेरिका के साथ ताल्लुकातों की बहाली के दावों का मात्र दिखावा है। क्या ये है ताल्लुकातों की बहाली है? इस सरकार ने अक्षमता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
इमरान खान के ट्वीट के जवाब में पीएमएल-एन उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने कहा कि क्या आपके पास शर्म बची है? आपको अपनी क्षुद्र राजनीति को दरकिनार कर एक पाकिस्तानी की तरह जवाब देना चाहिए। इसके बजाय आप अपने देश पर हमला कर रहे हैं। इस तरह का छोटा दिमाग वाला कट्टर व्यक्ति कभी नहीं देखा। शर्मनाक।
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स में एक कार्यक्रम में पाकिस्तान को सबसे खतरनाक देशों में से एक बताया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के पास बिना किसी एकता और सामंजस्य के परमाणु हथियार हैं। बाइडन की यह टिप्पणी उस दौरान की गई जब वह चीन और रूस के बीच संबंधों पर अमेरिकी विदेश नीति के बारे में बातें कर रहे थे। बाइडन ने कहा कि वह पाकिस्तान को दुनिया का खतरनाक देश मानते हैं।
अमेरिका के दो प्रभावशाली सांसदों रो खन्ना और सीव चाबोट ने प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया। जिसमें राष्ट्रपति जो बाइडन से 1971 में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों द्वारा जातीय बंगालियों और हिंदुओं के खिलाफ किए गए अत्याचारों को नरसंहार करार देने का अनुरोध किया है।
