इस्लामाबाद। दुबई में एशिया कप 2022 में हुए मैच में भारत द्वारा अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराने के बाद पाकिस्तान के पूर्व मंत्री और पीटीआई नेता चौधरी फवाद हुसैन ने पाकिस्तान की शाहबाज शरीफ सरकार को हार के लिए दोषी ठहराया है। वहीं पाकिस्तान की हार के बाद देश में बवाल मचा हुआ है। कई जगह पाकिस्तानी क्रिकेटरों के पुतले फूंके गए हैं। पाकिस्तान के पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री ने ट्विटर पर लिखे अपने संदेश में कहा कि दुबई में मैच हारना टीम की गलती नहीं, क्योंकि वर्तमान सरकार मनहूस है। फवाद हुसैन ने ट्वीट में कहा, यह टीम की गलती नहीं है। आयातित सरकार ही बड़ी मनहूस है। उन्होंने कहा कि अपने खिलाड़ियों के प्रति पाकिस्तान सरकार की लापरवाही को लेकर आए दिन खबरें आ रही हैं। गौरतलब है कि इसी महीने शुरुआत में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान एक पाकिस्तानी मीडियाकर्मी शिराज हसन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली की तुलना पड़ोसी देश के नेताओं के रवैये से की।
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पत्रकार हसन ने कामनवेल्थ खेल के दौरान ट्वीट कर कहा था कि ष्भारत अपने एथलीटों को प्रोजेक्ट करता है। पूजा गहलोत ने कांस्य जीता और दुख व्यक्त किया। वह स्वर्ण पदक जीतने में असमर्थ थीं। पीएम मोदी ने उन्हें साकारात्मक जवाब दिया था। कभी पाकिस्तान के पीएम या राष्ट्रपति का ऐसा कोई संदेश देखा है, क्या वे जानते हैं कि पाकिस्तानी एथलीट पदक भी जीत रहे हैं। भारतीय पहलवान पूजा गेहलोत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कांस्य पदक जीतने के बाद रोते हुए देश से माफी मांगी थी। पूजा का कहना था कि वो चाहती थीं कि जब उन्हें पदक मिले तो राष्ट्रगान बजे। यह तभी संभव था, जब वो स्वर्ण पदक जीत लेतीं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पूजा कांस्य पदक जीत पाईं और पदक लेने के बाद रोते हुए माफी मांगी। घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके उन्हें सांत्वना दी। पीएम मोदी ने कहा था कि आपका पदक जश्न मनाने के लिए है न कि माफी मांगने के लिए है। पीएम मोदी के ट्वीट के बाद से पाकिस्तान पत्रकार ने अपने देश के नेताओं को जमकर फटकार लगाई थी। पत्रकार ने पाकिस्तान के नेताओं और वहां की सरकार से सवाल किया था कि क्या उनके देश के नेताओं को पता है कि देश के एथलीट पदक जीत रहे हैं।
