महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा और नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस बीच महाराष्ट्र में एक बार फिर आरएसएस ने अपने राजनीतिक मंच की मदद करने के लिए उठाने का फैसला किया है. संघ महाराष्ट्र में भाजपा के लिए माहौल तैयार करने में जुट गया है, क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार की स्थिरता के लिए महाराष्ट्र में महायुति की सरकार बहुत ज़रूरी है.
जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक आरएसएस ने राज्य भर में स्वयंसेवकों की टोलियां ने अपने-अपने इलाकों में संदेश पहुंचाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि हर टोली में 5-10 सदस्य हैं ये सभी सदस्य लोगों के साथ छोटी-छोटी बैठकें कर रहे हैं। ये सभी सदस्य लोगों से सीधे भाजपा को वोट देने के लिए नहीं कहते, बल्कि राष्ट्रहित, हिंदुत्व, सुशासन, विकास, जनकल्याण और सामाजिक मुद्दों की बातें करके अपरोक्ष रूप से इशारों में लोगों को संदेश देते हैं कि वोट भाजपा को ही देना है।
ये टोलियां बनाने से पहले संघ और उसके सहयोगी संगठन राज्य के सभी स्तरों पर पदाधिकारियों के साथ रणनीति तैयार करने के लिए बैठकें कर रहे हैं। संघ के प्रयास इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हाल ही में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा को संघ की बदौलत ही जीत मिली है। हरियाणा में गठित संघ की टीमों ने सवा लाख से ज्यादा बैठकें की थीं। हरियाणा में इन बैठकों के जरिए संघ गैर जाट मतदाताओं को यह समझाने में सफल रहा कि भूपेंद्र हुड्डा की नीतियां जाट केंद्रित हैं और रहेंगी ऐसे में संघ कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर बताई गई बातों ने प्रदेश में माहौल को भाजपा के पक्ष में कर दिया।
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के निराशाजनक प्रदर्शन के पीछे आरएसएस का हाथ था। संघ के स्वयंसेवकों की सक्रियता की कमी के कारण पार्टी को कई सीटें गंवानी पड़ी थीं। लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान संघ कार्यकर्ताओं की सक्रियता ने भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह भर दिया।

