Site icon Buziness Bytes Hindi

रासायनिक खेती छोड़कर गौ आधारित खेती अपनाएं: मोहन भागवत

rss mohan bhagwat

मेरठ। हस्तिनापुर में चल रहे जैविक कृषि ‘कृषक संगम’ के तीसरे दिन किसान गोष्ठी को आरएसएस प्रमुख मोहन राव भागवत संबोधित करेंगे। इससे पहले उन्होंने ऐतिहासिक प्राचीन स्थलों के दर्शन किए। हस्तिनापुर में मौजूद प्राचीन स्थलों का भ्रमण कर विधि विधान से पूजा-अर्चना की।

मेरठ के हस्तिनापुर, जंबूद्वीप में चले तीन दिवसीय कृषि संगम में रविवार को आखिरी दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि रासायनिक खेती छोड़कर गौ आधारित खेती अपनाएं। खेती का यह परिवर्तन देश के लिए नहीं पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। पूरे भारतवर्ष के लिए आवश्यक है। भारतवर्ष का मतलब पूरी दुनिया के लिए। खेती की हमारी परंपरा 10000 सालों से चल रही है। खेती सुधार कर ऐसा जीवन जीना पड़ेगा जो दुनिया के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा। समाज में परिवर्तन लाना है और भारत दुनिया को यह देना चाहता है और लोग दुनिया को भी भारत से लेना चाहती है।


रसायन वाली खेती करने से रसायन हमारे अंदर जा रहे हैं और बीमार कर रहे हैं। हमारे पास खेती करने का सही रास्ता है और हमें उस रास्ते पर चलना होगा। तात्कालिक उपज की वजह से वायु, जल और पृथ्वी विषैले हो रहे हैं। ऐसा हमें अपने लंबे अनुभव से पता चल चुका है। भूमि का दोहन करें, उसे विषैला में बनाएं। उन्होंने किसानों को जैविक खेती का महत्व बताया। सर संघचालक ने मोती धनष मंडप हस्तिनापुर में किसानों को गौ आधारित खेती का संदेश दिया। दोपहर 3:24 बजे उनका संबोधन शुरू हुआ। इससे पहले उन्होंने जंबूद्वीप में किसानों से मुलाकात की और अंतिम सत्र में भाग लिया।

Exit mobile version