नई दिल्ली। पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादस्पद बयान को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा से निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने देश में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए नुपुर शर्मा को जिम्मेदार ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पक्ष में आरएसएस उतर आया है। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने उदयपुर हत्याकांड को ‘तालिबानी घटना’ करार दिया है। आरएसएस ने कहा है कि यह घटना उकसावे पर की प्रतिक्रिया नहीं बल्कि मानसिकता और मान्यता का परिणाम है।
आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने अपने बयान में कहा है कि उदयपुर में जो हुआ है वह दुनियाभर में बिना किसी उकसावे के चल रहा है। दुनिया में कही पर हमास हो तो कहीं इस्लामिक स्टेट और तालिबान है। भारत में सिमी और पीएफआई सक्रिय हैं। यह घटना उकसावे के कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई अगर ये मानता है कि घटना उकसावे का नतीजा है तो उसको और अधिक पढ़ने की जरूरत है। इस तालिबानी घटना के पीछे मानसिकता और मान्यता को समझना जरूरी है। भारत अपनी ताकत का उपयोग दूसरों की मदद करने के लिए करता है।
ऐसे मुद्दों से निपटने के अपने संवैधानिक तरीके हैं। अगर किसी को समस्या है तो उन्हें संवैधानिक तरीके से हल करने की कोशिश होनी चाहिए। आंबेकर ने ‘द तालिबान: वॉर एंड रिलिजन इन अफगानिस्तान’ व ‘द फॉरगॉटन हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ किताब विमोचन के कार्यक्रम में कही हैं।
आरएसएस प्रचार प्रमुख ने तालिबान को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस देश को धार्मिक कट्टरवाद पर विभाजन का सामना करना पड़ा,उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। यह पता लगाना जरूरी है कि क्या भारत से उसका कोई संबंध है।
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सुनील आंबेकर ने कहा कि आजादी के बाद जो कुछ हुआ, उसके बाद आरएसएस के योगदान को दबा दिया गया। 12 जुलाई 1922 को डॉ. हेडगेवार एक साल बाद जेल से रिहा हुए तो स्वागत के लिए नागपुर में समारोह का आयोजन किया जिसमें मोतीलाल नेहरू और सी राजगोपालाचारी भी थे और उन्होंने कार्यक्रम में भाषण दिया था।

