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ऋषभ एकेडमी 59 लाख के फीस घोटाले में स्कूल का पूर्व प्रबंधक गिरफ्तार


ऋषभ एकेडमी 59 लाख के फीस घोटाले में स्कूल का पूर्व प्रबंधक गिरफ्तार

बंगलुरू में पुलिस ने किया गिरफ्तार, फ्लाइट से ला रही मेरठ

मेरठ। ऋषभ एकेडमी में 59 लाख रुपए के फीस घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व प्रबंधक रंजीत जैन को पुलिस ने बंगलुरू से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस उसे फ्लाइट से लेकर दिल्ली आ रही है। आज शाम 4 बजे तक आरोपी रंजीत जैन को मेरठ कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

मेरठ के वेस्ट एंड रोड स्थित ऋषभ एकेडमी का संचालन पार्श्वनाथ मंदिर कमेटी द्वारा किया जाता हैँ पांच नवंबर 2020 को कमेटी के सदस्य संजय जैन ने स्कूल के तत्कालीन प्रबंधक रंजीत जैन व प्रिंसिपल याचना भारद्वाज के विरुद्ध 56.92 लाख रुपये की फीस में धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया था। संजय जैन का आरोप था कि बच्चों से फीस तो वसूली गयी मगर उसे कमेटी के खाते में जमा नहीं कराया गया। बीती 18 मार्च को स्कूल प्रधानाचार्या याचना भारद्वाज को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। प्रिंसिपल और पूर्व प्रबंधक पर घोटाले से जुड़े दस्तावेज नष्ट करने का भी एक मुकदमा दर्ज है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 59 लाख रुपए के फीस घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व प्रबंधक रंजीत जैन को सदर बाजार पुलिस ने शुक्रवार रात बंगलुरू से गिरफ्तार कर लिया है। फ्लाइट से रंजीत जैन को लेकर आ रही सदर बाजार पुलिस आज शाम को कोर्ट में आरोपी को पेश कर सकती है।

फीस को निजी खातों में जमा कराने का आरोप

ऋषभ एकेडमी में 1 अप्रैल 2020 से 20 सितंबर 2020 तक कुल 133.38 लाख रुपये की प्राप्ति हुई। इसमें 70.45 लाख रुपये के खर्चे घटाने के बाद 6.51 लाख रुपये खाते में पाए गए। शेष 56.92 लाख रुपये का कोई हिसाब-किताब नहीं मिला। प्रबंधक-प्रिंसिपल पर आरोप है कि यह पैसा उन्होंने अपने निजी खातों में जमा कराया है।

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