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Retirement : समय रहते नहीं बनाया रिटायरमेंट प्लान तो पड़ सकता है पछताना,जानिए क्यों

50 वर्ष से अधिक आयु के अधिकांश लोगों को रिटायरमेंट के बाद के जीवन के लिए समय रहते बचत न कर पाने का अफसोस रहता है। यह बात एक सर्वे में सामने आई है. इसके मुताबिक, हर तीसरे व्यक्ति को चिंता है कि रिटायरमेंट के बाद सिर्फ पांच साल में उनकी बचत खत्म हो जाएगी। हालांकि पहले की तुलना में रिटायरमेंट की तैयारियों में सुधार हुआ है. एक अच्छी बात यह है कि पहली बार भारतीय शहरी महिलाओं की रिटायरमेंट के लिए तैयारी पुरुषों के बराबर देखी गई।

सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे

रिटायरमेंट की तैयारियों पर यह सर्वे मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने कराया था। इस डिजिटल स्टडी के लिए भारत के 28 शहरों के 2,093 लोगों को शामिल किया गया था. सर्वे तीन साल से किया जा रहा है। नवीनतम सर्वेक्षण से पता चला है कि शहरी भारत का रिटायरमेंट सूचकांक (0 से 100 के पैमाने पर) बढ़कर 47 हो गया है। पिछले दो बार यह सूचकांक 44 था।

यह चिंताजनक है

चिंता की बात यह है कि पांच में से दो लोगों ने अपनी रिटायरमेंट के लिए निवेश करना भी शुरू नहीं किया है। बड़ी संख्या में लोगों का मानना है कि उनके पास पर्याप्त पारिवारिक संपत्ति है। संयुक्त परिवारों के टूटने के बाद भी उनके बच्चे उनका ख्याल रखेंगे। यह सोच लोगों को रिटायरमेंट की योजना बनाने से रोकती है।

सही समय पर बचाएं

50 वर्ष और उससे अधिक आयु के 10 उत्तरदाताओं में से नौ को इस बात का अफसोस है कि उन्होंने रिटायरमेंट के बाद के जीवन के लिए सही समय पर बचत शुरू नहीं की। बड़ी संख्या में लोगों (38 प्रतिशत) का मानना है कि लोगों को 35 साल की उम्र से पहले रिटायरमेंट की योजना बनाना शुरू कर देना चाहिए।

महिलाओं ने की अद्भुत प्लानिंग

रिटायरमेंट के बाद की तैयारियों के मामले में शहरी महिलाएं अब पुरुषों के बराबर हैं। 48 प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 52 प्रतिशत महिलाएं रिटायरमेंट योजना को सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय प्राथमिकता मानती हैं। इसी तरह, 66 प्रतिशत महिलाओं को उम्मीद है कि रिटायरमेंट के बाद उनका जीवन पूरी तरह सुरक्षित होगा, जबकि 60 प्रतिशत पुरुष ऐसा मानते हैं।

केवल 16% ही निवेश कर रहे हैं

64 फीसदी शहरी भारतीय राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के बारे में जानते हैं, लेकिन केवल 16 फीसदी ने ही इसमें निवेश किया है। रिटायरमेंट की जरूरतों के लिए निवेश प्राथमिकता में जीवन बीमा उत्पाद सबसे आगे हैं। 95 प्रतिशत लोग इनके बारे में जानते हैं और 75 प्रतिशत लोग इन्हें अपना चुके हैं।

अर्थव्यवस्था की मजबूत तस्वीर भी सामने आयी

मिलेनियल्स ने पहली बार सर्वेक्षण में भाग लिया। अन्य आयु वर्ग के लोगों की तुलना में सेवानिवृत्ति के प्रति अधिक तैयार और जागरूक दिखे। मैक्स लाइफ के प्रबंध निदेशक और सीईओ प्रशांत त्रिपाठी ने कहा, “भारत में रिटायरमेंट की तैयारियों में सुधार देखा गया है, जो देश की मजबूत होती आर्थिक स्थिति को भी दर्शाता है।

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