- रेस्क्यू टीम इनटेक एडिट टनल में तलाश रही थी लापता मजदूरों को
- हादसे के वक्त सिल्ट फिल्ट्रेशन टनल में काम कर रहे थे कर्मचारी
चमोली/ न्यूज डेस्क। उत्तराखंड के चमोली क्षेत्र में आई आपदा के बाद तपोवन में एनटीपीसी की टनल में फंसे 38 लोगों को बचाने के लिये रेस्क्यू टीम ने स्टैªटजी में बदलाव किया है। अभी तक रेस्क्यू टीम अभी तक इनटेक एडिट टनल में प्रवेश कर लापता मजदूरों की तलाश करने का प्रयास कर रही थी। मगर अब उन्हें जानकारी मिली है कि मजदूर इनटेक एडिट टनल से 12 मीटर नीचे और 72 मीटर दूर सिल्ट फिल्ट्रेशन टनल में काम कर रहे थे। ऐसे में रेस्क्यू टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए बुधवार देर रात से टनल में 13 मीटर नीचे पहुंचने के लिए ड्रिलिंग शुरू कर दी है।
चमोली के तपोवन में हुए हादसे को आज पांच दिन हो चुके हैं लेकिन टनल में फंसे 38 कर्मचारियों को निकालने में सफलता नहीं मिल पायी है। तपोवन में ब्लाॅक टनल में फंसे लोगों को निकालने के लिये एसडीआरएफ-एनडीआरएफ, आर्मी, आईटीबीपी और उत्तराखंड पुलिस के जवान अपनी जान को दांव पर लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।
रेस्क्यू टीम ने सुरंग के हालातोें की जानकारी लेने के लिये ड्रोन और रिमोट सेंसिंग उपकरणों की मदद भी ली मगर उससे कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई। अब तक माना जा रहा था कि 38 कर्मचारी मजदूर इनटेक एडिट टनल में हैैं और उसी आधार पर उन्हेें खोजा जा रहा था। मगर बुधवार को एनटीपीसी अफसरों की ओर से बचाव दल को जानकारी दी गयी कि हादसा होने के समय यह कर्मचारी सिल्ट फिल्ट्रेशन टनल में काम कर रहे थे जो इस टनल से लगभग 12 मीटर नीचे है।
यह जानकारी मिलते ही बचाव दलों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और टन में 72 मीटर अंदर ड्रिलिंग करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि रेस्क्यू टीमें 13 मीटर तक होल करने के बाद उसमें कैमरा डालकर अंदर के हालातों की जानकारी लेगी। बुधवार रात लगभग दो बजे शुरू की गयी ड्रिलिंग में अब तक लगभग छह मीटर तक खुदाई की जा चुकी है। 50 मिलीमीटर चैड़ाई के होल से टनल के अंदर फंसे मजदूरों के सुरक्षित होने का पता चलेगा। इसी आधार पर रेस्क्यू टीमें आगे की रणनीति बनायेंगी।

