- हाईकोर्ट ने कहा, लोगों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिये
दिल्ली। सोशल मीडिया मंच ट्वीटर पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज ट्वीटर के प्रतिनिधि से स्पष्ट तौर पर पूछा कि आपत्तिजनकर सामग्री हटायी जा रही है या नहीं।
दरअसल सोशल मीडिया मंच ट्वीटर पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने को लेकर आदित्य सिंह देशवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। आदित्य सिंह देशवाल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में ट्वीटर को आदेश देकर आपत्तिजनक कंटेट हटवाने की गुहार लगायी थी। याचिकाकर्ता की आपत्ति एथिस्ट रिपब्लिक नाम की यूजर आईडी से काली माता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने को लेकर की गयी थी।
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इस मामले में आज सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनी को अपने मंच पर पोस्ट की गयी सामग्री को लेकर लोगों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिये। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की 2 सदस्यीय बेंच ने ट्वीटर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ पोस्ट किये गये आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का आदेश दिया।
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सिर्फ प्रतिबंधित पटाखों पर है बैन
दीपावली पर जलाये जाने वाले पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की तलवार लटक रही थी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया की बेरियम साॅल्ट जैसे हानिकारक केमिकल का उपयोग कर बनाये गये प्रतिबंधित पटाखों पर ही बैन लगाया गया है। सुुुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि ग्रीन पटाखे जलाने पर प्रतिबंध नहीं है मगर किस भी त्योहार पर प्रतिबंधित पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं है।

