- 100 से अधिक व्यक्ति नहीं हो सकेंगे एकत्रित
- श्रद्धालुओं को करना होगा फेस कवर और मास्क का प्रयोग
मेरठ। महानगर में धार्मिक/पूजा स्थलों को खोले जाने की मांग काफी समय से उठाई जा रही थी। आज प्रशासन ने 25 शर्तों के साथ धार्मिक स्थलों/पूजा स्थलों को खोले जाने की इजाजत दे दी है। प्रशासन के इस निर्णय से धार्मिक संगठनों और श्रद्धालु/उपासकों में उत्साह का माहौल है। काफी समय से धार्मिक/पूजा स्थलों पर जाने से वंचित लोगों ने भी राहत की सांस ली है।
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में धार्मिक/पूजा स्थलों को खोले जाने से पूर्व प्रशासन व पुलिस के अधिकारी धर्म स्थलों के प्रबंधन से जुड़े सभी लोगों से संवाद स्थापित करते हुए सभी सावधानियां सुनिश्चित करने की जानकारी देंगे। धर्मस्थल में 100 से अधिक श्रद्धालु एकत्रित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। धार्मिक/पूजा स्थलों में प्रवेश करने से पहले लोगों को सैनिटाइजर से हाथ स्वच्छ करने तथा इंफ्रारेड थर्मामीटर से शरीर के तापमान की जांच कराने आवश्यकता होगी। श्रद्धालुओं द्वारा फेस कवर और मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा।
धार्मिक स्थलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए माइक/पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि के माध्यम से श्रद्धालुओं को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के बारे में लगातार जागरूक किया जाएगा। परिसर के बाहर दुकानों, स्टाॅल, कैफिटेरिया इत्यादि पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। श्रद्धालुओं के लाइन में खड़े होने के लिए गोले बनाने आवश्यक हैं। प्रवेश और निकास की व्यवस्था यथासंभव अलग-अलग करने, लाइन में लगे सभी व्यक्ति के बीच की छह फीट की दूरी बनाये रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। वही श्रद्धालुओं को मूर्तियों/धार्मिक/पवित्र ग्रंथों को छूने की अनुमति नहीं होगी।
मंडली इत्यादि को भी फिलहाल अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि रिकाॅर्ड किए हुए भक्ति संगीत/ गाने बजाये जा सकते हैं। श्रद्धालुओं को बैठने के लिए अपनी ही दरी/चादर आदि लानी होगी। प्रसाद वितरण या पवित्र जल के छिड़काव की भी अनुमति नहीं दी गई है। धार्मिक स्थलों की लगातार सफाई और उसे कीटाणुरहित करने के उपाय अपनाने के लिए भी आदेश दिए गए हैं।

