E-Commerce: यूपी सरकार ने ई कॉमर्स व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें समाधान योजना का लाभ दिया है। योजना के तहत ई कॉमर्स व्यापारियों को कारोबार का मात्र एक प्रतिशत टैक्स देना होगा। ये फैसला ई कामर्स प्लेटफार्म से जुड़े व्यापारियों को राहत देने और डिजिटल प्लेटफार्म से अधिक से अधिक व्यापारियों को जोड़ने के लिए किया है। अभी तक ई कॉमर्स व्यापारियों को इस समाधान का लाभ नहीं मिलता था। योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इससे प्रदेश के लाखों व्यापारियों को लाभ होगा। अभी तक ई कॉमर्स व्यापारियों को माल और सेवा में अलग-अलग टैक्स देना होता था। जिससे तमाम परेशानियों का सामना व्यापारियों को करना होता था।
दरअसल केन्द्र सरकार ने पहले ई कॉमर्स कारोबारियों को पहले से इस तरह की राहत दी थी। जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार किया था। राज्य के बाहर ई कॉमर्स से कारोबार करने वाले व्यापारियों को अब इसका लाभ मिलेगा। सरकार के इस कदम से जीएसटी का बोझ कम होगा। इससे प्रदेश के व्यापारी अपने माल को देश में कहीं भी किसी भी जगह बेचने के लिए डिजिटल प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे प्रदेश में डिजिटल प्लेटफार्म को बढ़ावा मिलेगा। एक प्रतिशत टैक्स देने के बाद कारोबारियों को रिटर्न भरने से भी छूट मिलेगी। लेकिन इनपुट टैैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ व्यापारियों को नहीं मिलेगा।
जीएसटी में कम्पाउंडिंग व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी
वहीं दूसरी ओर जीएसटी में कम्पाउंडिंग व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी दे दी गई है। नई व्यवस्था के तहत कारोबारियों को टैक्स में आधा फीसदी का लाभ होगा। जीएसटी से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए राज्य ट्रिब्यूनल गठन को मंजूरी दे दी गई है। जीएसटी में इसकी व्यवस्था पहले से थी। लेकिन अब नए सिरे से इसका गठन किया जाएगा। जिसका नाम अब राज्य ट्रिब्यूनल पीठ होगा।
