कहीं गमले जुकनी मुस्कुरा रही थी तो कहीं सलाद पत्ते। गाठ गोभी के साथ शिमला मिर्च और भिंडी बैगन भी सबका घ्यान अपनी ओर खींच रहे थे। यह नजारा था राजभवन में आयोजित त्रिदिवसीय प्रादेशिक फल, शाक-भाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का। शुक्रवार को शुरू हुई इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल(Governor of Uttar Pradesh Smt. Anandiben Patel) ने। इस प्रदर्शनी में सदाबहार पत्तियों व फूलों वाले गमले में शीतकालीन मौसमी फूलों, गमलों के कलात्मक समूह, गमलों में लगी शाकभाजी, औषधीय एवं सगंध पौधों तथा बोगनविलिया का प्रदर्शन किया गया है। प्रादेशिक फल शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में अब तक कुल 1758 प्रतिभागियों द्वारा 6817 प्रदर्शों की इन्ट्री लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य जनपदों द्वारा की गयी है।
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बागवानी के शौकीनों ने ली गमले में खेती की जानकारी
प्रदर्शनी के दूसरे दिन यानी शनिवार को राजभवन में बागवानी (Gardening at Raj Bhavan) के शौकीनों की खूब भीड़ नजर आई। यहां के स्टॉल्स पर सजी डेड़ फीट की मूली देखकर कोई हैरान था तो कोई वजनी जमीकंद को देखकर खुशी का इजहार कर रहा था। महिलाओं ने सबसे ज्यादा दिचस्पी गमलों की खेती में दिखाई। गमलों में उगी हुई सब्जी के बारे में जानने के लिए हर कोई इक्छुक था। इसके साथ ही प्रदर्शनी में महिलाओं, बच्चों एवं मालियों द्वारा की गयी कलात्मक साज-सज्जा, शाकभाजी, फल एवं कट फ्लावर, पान, शहद एवं फल संरक्षण उत्पादों आदि का भी प्रदर्शन आकर्षण ढंग से किया गया है। प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रदर्शों का मूल्यांकन विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यान के प्रतिभागियों को निर्धारित पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया जायेगा। प्रदर्शनी में एक फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
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गमलों में सब्जी उगाने की तकनीकी जानकारी मिलनी चाहिए
रविवार तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल (Governor Smt. Anandiben Patel) ने कहा कि जिन किसानों के पास जमीन नहीं है वे भी फल सब्जी उगाना चाहते हैं। ऐसे लोगों को गमलों में तथा घर के आसपास खाली जगहों में फल एवं सब्जी उगाने के संबंध में तकनीकी जानकारी प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से बागवानी के प्रति लोगों में अभिरूचि पैदा होगी तथा रोपित पौधों से पर्यावरणीय समस्या पर भी निदान पाया जा सकेगा। राज्यपाल जी ने कहा कि सलाद वाली प्रजातियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि इसके उपयोग का ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर महिलाओं एवं बच्चों को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि किसानों के समृ़द्ध होने से देश समृद्ध होता है। इसके साथ ही हमारे बच्चे भी सशक्त बनते हैं।

