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हर की पौड़ी पर गंगा किनारे फिर बनी रील, गंगा सभा का पारा हाई- कराएगी मुकदम

uttarakhand news

हरिद्वार- हरिद्वार में गंगा घाट पर रील बनने से फिर बवाल मच गया है. धार्मिक आस्था का केंद्र ‘हर की पौड़ी’ पर फिल्मी गानो पर रियल बनने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही दो लड़कियों की हर की पौड़ी पर बनाई गई रील ने गंगा सभा के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. इधर गंगा सभा कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है तो वही सामाजिक संस्थाएं भी इन युवाओं के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रही है. दरअसल इससे पहले भी कई बार ‘हर की पौड़ी’ पर फिल्मी गानों पर बनी रील वायरल हो चुकी है जिसे गंगा सभा ने धार्मिक आस्था के केंद्र हर की पौड़ी की गलत छवि पेश करने वाला बता इसे रोकने की पहल की थी.

‘इनको लग रे बहुत बने’….. पर बनी रील

गंगा घाट ‘हर की पौड़ी’ पर जहां श्रद्धालु पवित्र स्नान करने के लिए पहुंचते हैं. वही पवित्र हर की पौड़ी युवाओं के लिए रील बनाने का पसंदीदा केंद्र बनता जा रहा है. जिसका विरोध लगातार गंगा सभा करती आ रही है लेकिन लगाम लगाने पर पूरी तरह से नाकाम साबित हुई. एक बार फिर गंगा घाट पर दो युवतियों रेप सॉन्ग पर थिरकते हुए दो युवतियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसने हर की पौड़ी घाट पर रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही गंगा सभा के रील बनाने वाले युवाओं पर नकेल कसने के दावों की पोल खोल रही है. हालांकि यह पहला मामला नहीं है कि जब पवित्र ‘हर की पौड़ी’ पर फिल्मी सॉन्ग पर बनी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई हो इससे पहले भी सितंबर 2022 में फिल्मी गानों पर युवाओं का फूहड़ डांस वीडियो वायरल हो चुका है.

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युवाओं पर होगा मुकदमा दर्ज!

हर की पौड़ी पर फिल्मी गाना की वीडियो बनाने वाले युवाओं के खिलाफ गंगा सभा पहले भी कार्यवाही का दावा कर चुकी है. बावजूद इसके ‘हर की पौड़ी’ पर बनने वाली इस तरह की वीडियो पर लगाम नहीं लग पा रहा है. गंगा सभा के साथ-साथ अब सामाजिक संस्थाएं भी इन युवाओं को आड़े हाथों लेने का मन बना चुकी है. हरिद्वार नागरिक मंच ने भी युवाओं के इस कृत्य को धार्मिक स्थलों की आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप बत्रा ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों से तीर्थ स्थल की मर्यादा भंग होती है. इससे आमजन में आस्था भी प्रभावित होती है. इसलिए इस तरह की घटनाओं में प्रभावी रोकथाम के लिए कानूनी कार्यवाही की जरूरत हुई तो संस्था इसमें पीछे नहीं हटेगी.

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