नई दिल्ली। रियल एस्टेट (Real Estate) में एक फ्लैट खरीदने के लिए रुपया जमा करते हैं। लेकिन जब उसका कब्जा मिलता है तो पता चलता है कि रियल एस्टेट कंपनी ने रेट बढ़ दिए हैं। फ्लैट लेना है तो लीजिए वरना कंपनी उसको निरस्त कर किसी और को दे देगी। लेकिन एक दम से बढ़ने वाले फ्लैट की इन दरों पर रियल एस्टेट में ढांचागत विकास महत्वपूर्ण होता है। कह सकते हैं कि बुनियादी ढांचा और आवास विकास एक साथ चलते हैं। इमारतों और टाउनशिप के लगातार विकास ने रियल एस्टेट उद्योग की बढ़ोतरी को गति दी। आवास परियोजनाएं घर खरीदार का ध्यान आकर्षित करती हैं। ये सेवाएं फ्लैट की कीमतों में वृद्धि करती हैं। जिसके चलते दाम एक दम से बढ़ जाते हैं।
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देखा गया है कि घर खरीदार जिस समय अपने फ्लैट को बुक करते हैं तो उस समय उसके आसपास किसी प्रकार की मूलभूल सुविधा नहीं होती है। लेकिन जब वह इसका कब्जा लेने के लिए पहुंचता है तो इसमें काफी सुविधाएं बढ़ जाती हैं और इसी कारण से इसके दाम भी काफी बढ़ जाते हैं। इन सभी में सामाजिक-आर्थिक ढांचागत सेवाएं शामिल होती है।

