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राम मंदिर और 400 सीटें!

आर्टिकल/इंटरव्यूराम मंदिर और 400 सीटें!

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अमित बिश्नोई
प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपना चुनावी अभियान अबकी बार 400 पार के नारे के साथ शुरू किया था, लेकिन फिर भाजपा के कई नेताओं द्वारा ये कहे जाने पर कि 400 सीटें इसलिए चाहिए क्योंकि भाजपा को संविधान बदलना है. भाजपा नेताओं के इन बयानों के बाद देश की राजनीती में एक बवाल पैदा हुआ और कांग्रेस पार्टी ने इसे एक चुनावी मुद्दा बना दिया। कांग्रेस पार्टी और इंडिया अलायन्स के नेताओं ने इस मुद्दे पर इतना आक्रमक हमला किया कि मोदी जी की सभाओं में 400 पार का ज़िक्र ही बंद हो गया। कांग्रेस पार्टी ने लोगों को बताना शुरू किया कि दरअसल भाजपा को 400 सीटें इसलिए चाहिए कि वो आरक्षण को समाप्त करना चाहती है. इंडिया अलायन्स ने ये बात देश के obc, दलित, आदिवासी समाज में पहुँचाना शुरू कर दी कि भाजपा बाबा साहब के बनाये संविधान को बदलना चाहती है, संविधान बदलने का मतलब आरक्षण को ख़त्म करना। चुनाव के तीन चरण समाप्त होने के बाद इंडिया अलायन्स के इस आक्रामक अभियान का प्रधानमंत्री ने अब अपने ही अंदाज़ में तोड़ निकाला है. प्रधानमंत्री ने आज अपनी चुनावी सभाओं में बताया कि उन्हें 400 सीटें क्यों चाहिए।

कांग्रेस पार्टी जहाँ ये कह रही है कि मोदी जी को संविधान बदलने के लिए 400 सीटें चाहिए जैसा कि उनके कई नेता और प्रत्याशी पब्लिक मंचों पर कह चुके हैं वहीँ प्रधानमंत्री मोदी ने आज बताया कि दरअसल उन्हें 400 सीटें इसलिए चाहिए ताकी कांग्रेस पार्टी राम मंदिर पर फिर से ताला न लगवा सके, ताकि कांग्रेस पार्टी कश्मीर में फिर से धारा 370 की वापसी न कर सके, ताकि कांग्रेस पार्टी अपने वोट बैंक के लोगों को (इशारा मुसलमानों पर) OBC में शामिल न कर सके. अब यहाँ पर सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस या फिर किसी भी पार्टी में इतनी शक्ति है कि वो राम मंदिर में ताला लगा सके वो भी बाबरी वाला ताला। प्रधानमंत्री ये भूल गए कि राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुआ है. और अब तो राजनीतिक पार्टी ही क्या दुनिया की कोई भी ताकत राम मंदिर में ताला लगाने की बात तो दूर उसके बारे में सोच भी नहीं सकती।

प्रधानमंत्री के धारा 370, अपने वोट बैंक को चुपके से OBC आरक्षण देने तक की बात समझ में आती है, चुनाव के दौरान इस तरह के राजनीतिक बयानों का आना कोई हैरानी वाली बात नहीं लेकिन जब देश का प्रधानमंत्री ये कहे कि कांग्रेस पार्टी सत्ता में आयी तो महिलाओं का मंगल सूत्र छीन लेगी, घर छीन लेगी, सोना छीन लेगी और न सिर्फ छीन लेगी बल्कि मुसलमानों में बाँट भी देगी तो सुनकर हंसी भी आती है और दुःख भी होता है। और आज तो उन्होंने हद ही कर दी, लोगों में राम मंदिर में ताला पड़ जाने का डर बिठाने लगे. क्या कोई इस तरह की कल्पना भी कर सकता है, मोदी जी के दिमाग़ में ये कल्पना आयी कैसे। एक तरफ तो वो खुद को सर्वशक्तिमान कहते हैं और फिर इस तरह के बयान देते हैं , ये बयान तो उस तरह का व्यक्ति देता है जो खुद कुछ कर सकने की हैसियत में न हो, वो लोगों को डराता है कि अगर तुम ऐसा करोगे तो तो ये हो जायेगा, वो हो जायेगा।

राम मंदिर किसी का घर नहीं जिसे कोई हथिया ले, जिसपर कोई आकर ताला डाल दे और कब्ज़ा कर ले, वो देश के 140 करोड़ लोगों की आस्था का केंद्र है. राजनीती में यहाँ तक चले जाना, चुनाव जीतने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाना। क्या मोदी जी का खुद से भरोसा टूट रहा है, क्या उन्हें वाकई लगता है कि कांग्रेस पार्टी या इंडिया गठबंधन उन्हें हराने जा रहा है, अगर नहीं तो फिर इस तरह की बातें क्यों? इस तरह लोगों को डराने की कोशिश क्यों? एकबात और, 400 सीटों का और राम मंदिर से क्या सम्बन्ध? मोदी जी का कहना है कि कांग्रेस सत्ता में आयी तो ऐसा हो जायेगा। मोदी जी का मतलब यही है कि जबतक वो हैं या भाजपा है तब तक राम मंदिर सुरक्षित है, भाजपा सत्ता से हटी या फिर वो प्रधानमंत्री पद से हटे तो राम मंदिर खतरे में पड़ जायेगा। तो ऐसा कभी न कभी तो होगा ही, न मोदी जी हमेशा प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं और न ही भाजपा हमेशा सत्ता में रह सकती है तो क्या उनके बाद राम मंदिर खतरे में आ जायेगा। दरअसल 400 सीटों वाले बयानों पर घिरी भाजपा को बाहर निकालने के चक्कर में मोदी जी राम मंदिर को ले आये लेकिन राम मंदिर और 400 सीटों के बीच क्या तर्क है ये नहीं बता पाए. ऐसे में कहीं न कहीं विपक्ष के संविधान बदलने के आरोपों में दम दिखाई देता है. कितना अच्छा होता कि मोदी जी ये चुनाव अपने दस सालों के कामों पर लड़ते, बकौल उनके उन्होंने दस सालों में देश को कहाँ से कहाँ पहुंचा दिया है, उसका पैगाम लोगों को देते। एक तरफ वो मोदी की गारंटियाँ दे रहे हैं दूसरी तरफ लोगों में मंगल सूत्र छीनने और राम मंदिर में ताला पड़ जाने का डर फैला रहे हैं, दो ही बातों में इतना विरोधाभास है कि वोटर भी कन्फ्यूज़ होकर रह गया है. खैर मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि मोदी जी, चुनावी राजनीती से राम जी को बख्श दीजिये, अब जबकि 500 साल बाद राम मंदिर का निर्माण हो चूका है, राम लला विराजमान हो चुके हैं , तो राम मंदिर भी रहती दुनिया तक बना रहेगा।

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