किसानों की समस्याओं को लेकर 22 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन की तैयारियों का जायज़ा लेने जा रहे किसान नेता राकेश टिकैत को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, अपनी हिरासत की जानकारी खुद राकेश टिकैत ने अपने ट्विटर हैंडल पर दी है, साथ ही लिखा है कि सरकार के इशारे पर काम कर रही दिल्ली पुलिस किसानों की आवाज को नहीं दबा सकती। किसान नेता ने कहा कि यह गिरफ्तारी एक नई क्रांति लेकर आएगी और यह संघर्ष अंतिम सांस तक जारी रहेगा।
बता दें कि राकेश टिकैत लखीमपुर खीरी में आंदोलन के बाद अपने समर्थको के साथ दिल्ली पहुंचे थे जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. पुलिस की इस करवाई के विरोध में राकेश टिकैत अपने समर्थकों के साथ सड़क पर ही प्रदर्शन करने लगे. बाद में दिल्ली पुलिस सभी को गिरफ्तार कर मधु विहार पुलिस ACP के दफ्तर लेकर गई।
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बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के जंतर-मंतर पर MSP गारंटी कानून को लेकर 22 अगस्त को धरना-प्रदर्शन करने जा रहा है. इस विरोध प्रदर्शन में भरी संख्या में किसानों के पहुँचने की बात कही जा रही है. दिल्ली पुलिस राजधानी में किसानों का किसी भी तरह का जमावड़ा नहीं होने देना चाहती है. इसके लिए दिल्ली की बाहरी सीमाओं पर निगरानी बहुत सख्त कर दी गयी है, बैरिकेडिंग लगाई जा रही हैं शहर के बाहर और अंदर पर्याप्त संख्या में फाॅर्स की तैनाती की गयी है.
अपनी हिरासत के बाद टिकैत ने अपने एक वीडियो संदेश में सवाल किया है कि क्या दिल्ली में किसानों का प्रवेश प्रतिबंधित है? इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कोई हरा गमछा और चादर ओढ़ कर दिल्ली में जा नहीं सकता? अपने इस वीडियो में राकेश टिकैत ने जानकारी दी है कि वे जंतर-मंतर पर बेरोजगारी के विरोध में जारी आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे।
