लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन, युद्धपोत INS गोमती बना आकर्षण का केंद्र
रक्षा मंत्री ने कानून-व्यवस्था में सुधार को बताया मिसाल, सीएम बोले- राष्ट्रहित सर्वोपरि
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त युद्धपोत INS गोमती का निरीक्षण किया और उसके सैन्य योगदान तथा तकनीकी क्षमताओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को प्रदेश की नई पहचान का आधार बताया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की छवि अपराध, माफिया और खराब कानून-व्यवस्था के कारण प्रभावित थी। उद्योगपति और निवेशक यहां निवेश करने से हिचकते थे, लेकिन बीते वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कानून का राज स्थापित कर निवेश और विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेजी से उभरते राज्यों में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन और सुरक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब अपराधियों और माफिया तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के सामने किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जा सकती।
करीब दो एकड़ क्षेत्र में विकसित नौसेना शौर्य वाटिका को पर्यटन विभाग ने भारतीय नौसेना के सहयोग से तैयार किया है। लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में चार वर्ष लगे। वाटिका का मुख्य आकर्षण युद्धपोत INS गोमती है, जिसने भारतीय नौसेना में लगभग 35 वर्षों तक सेवा देने के बाद वर्ष 2022 में अपनी अंतिम विदाई ली थी।
वाटिका में नौसेना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें मध्यम दूरी की नौसैनिक तोप, टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम, लॉन्चर, प्रोपेलर और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से आम लोगों, विशेषकर युवाओं को भारतीय नौसेना की ताकत, तकनीक और समुद्री सुरक्षा में उसकी भूमिका को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह वाटिका आने वाले समय में देशभक्ति, सैन्य इतिहास और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
