अशोक गहलोत ने सौंपे 102 विधायकों के समर्थन पत्र
जयपुर: राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र के आश्वासन के बाद कांग्रेस और उसके समर्थक विधायकों का राजभवन में धरना शुक्रवार की रात समाप्त हो गया। ये विधायक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का सामूहिक आग्रह करने के लिए राज्यपाल से मिलने गए थे और उसके बाद वहां धरने पर बैठ गए। राज्यपाल ने कांग्रेस विधायकों को आश्वस्त किया है कि वह इस मामले में बिना किसी दबाव और द्वेष के संविधान का अनुपालन करेंगे। राज्य के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि राज्यपाल मिश्र ने विधानसभा सत्र को लेकर कुछ सवाल पूछे हैं। मंत्रिमंडल उन पर विचार कर जवाब राज्यपाल को भिजवाएगा।
राज्यपाल ने सीएम को सौंपा नोट
धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने पत्रकारों से कहा कि सीएम बहुमत साबित करना चाहते हैं। उन्होंने कोरोना संकट पर विस सत्र बुलाया है। वह उन लोगों को शांत करना चाहते हैं, जो कह रहे हैं कि कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है। राज्यपाल ने हमसे कहा है कि वह संविधान के साथ हैं। उन्होंने सीएम को एक नोट भी दिया है। हमें राज्यपाल पर भरोसा है। आज रात साढ़े नौ बजे एक स्टेट कैबिनेट की बैठक है। सुरजेवाला से पत्रकारों की बातचीत के थोड़ी देर बाद गहलोत के खेमे वाले धरनारत विधायक राजभवन से हट गए।
धरने पर बैठे थे विधायक
इससे पहले, राजस्थान से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है- राज्यपाल ही हमारे संवैधानिक प्रमुख हैं। मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं कि राज्यपाल ऊपर से किसी प्रकार के दबाव आने पर विस सत्र नहीं रोंकेगे। उन्होंने कल फैसला क्यों नहीं लिया था? हमने उनसे जल्द से जल्द फैसला लेने को कहा है। लोग इंतजार कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि राज्यपाल किसी तरह के दबाव में नहीं आएंगे। वह फैसला लेंगे। उम्मीद है कि जल्द विस सत्र शुरू होगा। ऐसे में हम यहां धरने पर हैं। वे हमें पत्र देंगे, उसके बाद ही हम आगे कुछ निर्णय लेंगे।
गहलोत ने कही थी यह बात
सीएम ने शुक्रवार को कहा कि राज्यपाल को बगैर किसी दवाब में फैसला लेना चाहिए। नहीं तो अगर राज भवन को घेरने जनता आ गई, तो उनकी जिम्मेदारी नहीं होगी। गहलोत की इस टिप्पणी के थोड़ी देर बाद कांग्रेसी विधायक राज भवन पहुंच गए, जहां परिसर के पार्क में वे धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
घेराव पर भाजपा की प्रतिक्रिया
उधर, राजस्थान भाजपा ने शुक्रवार को मांग की है कि केंद्र को राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तैनात करे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान पर प्रतिक्रिया जताते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि केंद्र को राज्य में सीआरपीएफ तैनात करनी चाहिए। कटारिया ने कहा,’ मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि जनता आकर राजभवन को घेर लेगी। मैं केंद्र से आग्रह करता हूं कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ तैनान की जाए।’ कटारिया के अनुसार इसके लिए राजस्थान पुलिस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।

