न्यूज़ डेस्क – महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। इसी बीच मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में शिवसेना सांसद संजय राउत ने दोनों नेताओं से सवाल पूछे।
इंटरव्यू के दौरान राज ठाकरे का एक बयान काफी चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि वह मंदिर में माथा टेकेंगे, लेकिन गंगा का पानी नहीं पिएंगे। राज ठाकरे ने कहा, “इसका हिंदुत्व से क्या लेना-देना है? मान लीजिए मैं मंदिर जाकर माथा टेकता हूं और आप मुझसे कहते हैं कि गंगा का पानी पियो, तो मैं नहीं पिऊंगा। गंगा जहां से निकलती है, वहां का पानी शायद पी लूं।” उन्होंने पहले भी गंगा की सफाई और पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
इस इंटरव्यू में राज ठाकरे ने ‘मराठी मुसलमान’ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, “हर राज्य का हिंदू अलग होता है, क्योंकि हर राज्य की संस्कृति अलग होती है। वैसे ही हर राज्य का मुसलमान भी अलग होता है। महाराष्ट्र में पीढ़ियों से रहने वाला मुसलमान ‘मराठी मुसलमान’ है और वह मराठी भाषा बोलता है।”
राज ठाकरे ने बताया कि साल 2009-10 में हज कमेटी के दफ्तर पर इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन हुआ था। उस समय यूपी-बिहार के लोगों का दबदबा था और महाराष्ट्र के मराठी मुसलमानों को हज पर जाने में दिक्कत हो रही थी। तब उनकी पार्टी ने इसके खिलाफ आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बहुत से मराठी मुसलमान हैं, जैसे उनके “सलीम मामा”।
उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि वह हाल ही में अपने एक मुस्लिम उम्मीदवार के दफ्तर गए थे।
राज ठाकरे ने क्रिकेटर जहीर खान का उदाहरण देते हुए कहा, “जहीर खान भी मराठी हैं, संगमनेर के हैं। जब भी हम मिलते हैं, तो मराठी में ही बात करते हैं।”
चुनाव से पहले इस इंटरव्यू में दिए गए बयानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
