देहरादून। सेना भर्ती के लिए केंद्र की योजना अग्निपथ का विरोध अभी जारी है। अग्निपथ में कई प्रदेश बुरी तरह से झुलस रहे हैं। ट्रेनें और बसों को आग के हवाले किया जा चुका है। इसका विरोध सबसे अधिक उत्तरप्रदेश,बिहार और हरियाणा के बाद उत्तराखंड में दिखाई दे रहा है। सरकार की अग्निपथ के विरोध में इस समय पूरब से लेकर पश्चिम तक के राजय झुलस रहे हैं। इसका असर रेलवे परिचालन पर भी पड़ना शुरू हो गया है। अग्निपथ के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने जहां ट्रेन फूंकीं वहीं रेलवे ट्रैक को भी कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया है। पिछले तीन दिन से रेलवे को हुए करोड़ों के नुकसान के बाद अब रेलवे संवेदनशील प्रदेशों और जिलों के लिए ट्रेन रद्द कर रहा है। ट्रेनों के रद्द होने से इसका खामियाजा अब यात्रियों को उठाना पड़ेगा।
सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना के हिंसक विरोध को देखते हुए रेलवे ने ये बड़ा फैसला लिया है। इसी के चलते अब मुरादाबाद मंडल से चलने वाली ट्रेनों को कुछ समय के लिए रद कर दिया गया है। इन रद ट्रेनों में हावड़ा से चलकर देहरादून आने वाली उपासना एक्सप्रेस भी है। यह ट्रेन आज 18 जून को भी रद कर दी गई है। अब अप और डाउन दोनों ट्रेन रद कर दी गई है। इससे पहले भी शुक्रवार को हावड़ा से देहरादून आने वाली ये ट्रेन नौ घंटे की देर से स्टेशन पहुंची तो यात्री काफी परेशान रहे।
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रेल प्रशासन की माने तो अग्निपथ योजना के चलते हुई हिंसा के कारण देहरादून-हावड़ा एक्सप्रेस निरस्त कर दी गई है। इसके विरोध प्रदर्शन के कारण रेलवे बोर्ड ने अब तक 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन निरस्त किया है। वहीं रेलवने ने कई ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन किए हैं। फिलहाल अब स्थिति यह है कि देहरादून से उप्र, गुजरात,महाराष्ट्र,मध्य प्रदेश जाने वाली ट्रेनों पर रोक नहीं है।

