- छापे और फोन टैपिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं अखिलेश यादव
- प्रियंका गांधी ने किया बच्चों के इंस्टाग्राम अकाउंट हैकिंग का दावा
सुनील शर्मा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुद्दों को तलाश रहे विपक्ष का ध्यान अब छापे, फोन टैपिंग और अकाउंट हैकिंग पर जाकर टिक गया है। सपा अखिलेश यादव अपनी सभाओं में इनकम टैक्स के छापे और सपा नेताओं के फोन टेप किए जाने की बात जरूर कहते हैं। वहीं अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी ने भी अखिलेश यादव का समर्थन करते हुए अपने बच्चों का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक किये जाने का दावा किया है।
गौरतलब है कि बीती 18 दिसंबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बेहद करीबी और पार्टी के फाइनेंसर माने जाने नेताओं के घर आयकर विभाग ने छापा मारा था। लखनऊ में जैनेंद्र यादव और मैनपुरी में मनोज यादव और मऊ में सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय के घर पर इनकम टैक्स का छापा डाला गया था। जिसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार भाजपा पर हमलावर हैं। अखिलेश यादव का कहना है कि अभी तो इनकम टैक्स आया है आगे-आगे सीबीआई और ईडी भी छापे मारने के लिये आएगी। उन्होंने सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है।
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मंगलवार को भी एटा में सपा को सभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सपाइयों के घरोें पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के छापे डाले जायेंगे। लेकिन इससे हम घबराने वाले नहीं हैं। हम लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे। वहीं सांसद जया बच्चन ने भी दावा किया है कि उनकी पार्टी के नेताओं के घर पर डाले गये आयकर विभाग के छापे भाजपा की घबराहट को प्रदर्शित कर रहे हैं।
वैसे तो अखिलेश यादव ने इन छापेमारी कार्रवाईयों को कांग्रेस की नीति बताते हुए कहा था कि भाजपा अब कांग्रेस की तरह ही केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। लेकिन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव का समर्थन किया है। प्रियंका गांधी का कहना है कि फोन टैपिंग की तो बात छोड़िए मेरे बच्चों के इंस्टाग्राम अकाउंट तक हैक किये जा रहे हैं। प्रियंका गांधी ने यह दावा करते हुए सरकार पर तंज कसा कि क्या सरकार के पास कुछ और काम नहीं है।
एक-दूसरे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सपा और कांग्रेस इस मुद्दे पर तो एक साथ भाजपा सरकार पर हमलावर हैं। यानी यह तय है कि यूपी विधानसभा चुनाव में विपक्ष के नेताओं के यहां केंद्रीय जांच एजेंसियों के छापों के साथ कथित तौर पर नेताओं के फोन टैपिंग और उनके सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना भी बड़ा मुद्दा बनके सामने आएगा। आने वाले समय में यह भी हो सकता है कि सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी भी विवादित पोस्ट को नेता यह कहकर इंकार कर सकते हैं कि उनका अकाउंट तो हैक हो गया है। जाहिर है उसका जिम्मेदार भी वह भाजपा को ही ठहराएंगे।
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विपक्ष द्वारा छापे, फोन टैपिंग और अकाउंट हैकिंग को मुद्दा बनाये जाना आने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में उन्हें क्या लाभ पहुंचायेंगे यह कहना तो अभी मुश्किल होगा। लेकिन फिलहाल इन मुद्दों को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने में सरकार असमर्थ दिख रही है। भले ही प्रदेश की भाजपा सरकार छापे को केंद्रिय जांच एजेंसियों की कार्रवाई बताये मगर चुनावी दौर में ही की गयी कार्रवाई सरकार की नीयत पर संदेह तो पैदा करती ही है। खास बात यह है कि आयकर विभाग के छापों में कोई आपत्तिजनक चीज बरामद होने की बात भी अभी तक सामने नहीं आयी है। ऐसे में विपक्ष का छापों को मुद्दा बनाना स्वाभाविक ही है और इसका चुनावी लाभ मिलने की आशा भी विपक्ष को बेमानी नहीं है।

