गाजियाबाद। केंद्र सरकार की तरफ से पीएफआई पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद तमाम जगह इससे जुड़े लोगों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में थाना भोजपुर इलाके के गांव कलछीना में व्यवसाय के 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। जिनसे इस दौरान कुल 46 बिंदुओं पर गहन जानकारी की गई। फिलहाल यह जानकारी डोजियर में दर्ज करने के बाद उन्हें छोड़ दिया। लेकिन इनकी निगरानी के लिए टीम सतर्क कर दी गई। इन सभी के निगरानी की जाएगी कि यदि यह लोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए गए। सुरक्षा एजेंसियां इनकी आसानी से पहचान कर सकेंगी और एक क्लिक पर उनकी पूरी जानकारी अधिकारियों के सामने उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों को पकड़ा भी जा सकेगा।
सरकार ने पीएफआई पर शिकंजा कसा और जुड़े की धरपकड़ शुरू हुई तो गाजियाबाद पुलिस को भोजपुर गांव के कलछीना में पीएफआई से जुड़े करीब 50 सक्रिय लोगों की जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस ने गांव कलछीना से करीब 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया और गहन पूछताछ शुरू कर दी गई। हालांकि तमाम अभी ऐसे लोग हैं। जिन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिये और बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर नहीं निकले। जैसे ही खुफिया विभाग की टीम बुधवार को कंचना पहुंची गांव की स्थिति उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिया था उनके खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक साक्षी सुरक्षा एजेंसियों में एकत्र किए थे। इंटरनेट मीडिया की पोस्ट परवेज की कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत अन्य जानकारियों शामिल है। कलछीना गांव से जिन 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। उन सभी को थाना भोजपुर लाया गया और उनसे करीब 40 बिंदुओं पर जानकारी की गई।जिसके बाद सभी से ली गई जानकारी डोजियर में दर्ज करते हुए उन्हें छोड़ दिया गया। फिलहाल सभी के निगरानी मैं खुफिया विभाग की टीम में लगी हुई है। उधर गांव में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है।
