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देश में गुस्से और नफरत का माहौल भाजपा और संघ ने बनाया है: राहुल गाँधी

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज की गयी सख्त टिप्पणी पर कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने कहा कि देश में नफरत का माहौल नूपुर शर्मा ने नहीं बल्कि केंद्र सरकार ने बनाया है, राहुल ने कहा कि नूपुर शर्मा तो मात्र एक व्यक्ति है. राहुल ने कहा कि दरअसल नूपुर शर्मा नहीं देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इसके पीछे हैं. देश में गुस्से का यह माहौल भाजपा और संघ ने बनाया है. 

राहुल गाँधी आज केरल में अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में मीडिया से मुखातिब थे, उन्होंने नूपुर शर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में आज गुस्से और नफरत का जो माहौल है वो लोगों के लिए ठीक नहीं है और यह माहौल भाजपा और आरएसएस ने बनाया है, केंद्र सरकार ने ऐसे माहौल को हवा दी है जिससे कि नूपुर शर्मा जैसे लोगों को नफरत फैलाने की हिम्मत मिलती है और सुप्रीम कोर्ट को ऐसी सख्त टिप्पणी करनी पड़ती है. 

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आज भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि देश में इन दिनों नफरत का जो माहौल है उसकी ज़िम्मेदार अकेली नूपुर शर्मा हैं. कोर्ट ने उदयपुर के हत्याकांड के लिए भी नूपुर शर्मा की बयानबाज़ी को ज़िम्मेदार मानते हुए उन्हें टीवी पर आकर पूरे देश से माफ़ी मांगने को कहा था. अदालत ने कहा था कि नूपुर शर्मा को खुद को सत्ता के करीब होने और एक पार्टी का प्रवक्ता होने का दम्भ था. अदालत ने नूपुर शर्मा के खिलाफ देश भर में दर्ज मामलों पर भी सवाल उठाया था कि इतनी FIR होने के बावजूद अबतक कोई उन्हें छू भी नहीं सका. अदालत ने उनकी केस ट्रांसफर की याचिका भी ख़ारिज कर दी थी. 

इससे पहले दिन में, शीर्ष अदालत ने नूपुर शर्मा को उनकी पैगंबर की टिप्पणी पर फटकार लगाई और कहा कि उनके गैर-जिम्मेदाराना बयानों ने पूरे देश को आग लगा दी। अदालत ने यह भी कहा कि पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ उनकी टिप्पणी या तो ‘सस्ते प्रचार, एक राजनीतिक एजेंडा या कुछ नापाक गतिविधियों के लिए’ की गई थी।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, जो अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर हैं, ने वायनाड में अपने कार्यालय पर हमले का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह मेरा कार्यालय नहीं है, यह वायनाड के लोगों का है। यह मूर्खतापूर्ण है।’

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24 जून को, सीपीआई (एम) की युवा शाखा, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मार्च निकाला और वायनाड में राहुल गांधी के कार्यालय में तोड़फोड़ की। इको-सेंसिटिव जोन (ईएसजेड) पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए वायनाड के सांसद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था।

राहुल गांधी ने कहा, ‘वे बच्चे हैं जिन्होंने गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम किया। यह ठीक है। मेरी उनसे कोई दुश्मनी नहीं है।’

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