नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से भाजपा की नींद उड़ गई है। 2024 में सत्ता को बचाने के लिए आरएसएस और भाजपा का सोशल नेटवर्क प्लेटफार्म पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। राहुल की भारत जोड़ो यात्रा का आज चौथा दिन था। सात सितंबर को राहुल गांधी ने इस यात्रा की शुरूआत तमिलनाडु के कन्याकुमारी से की थी। आज शनिवार को यात्रा कन्याकुमारी के मुलागुमूदु पहुंची और रविवार तक यह केरल पहुंच जाएगी। 150 दिन तक चलने वाली भारत जोड़ो यात्रा देश के 12 राज्यों से गुजरेगी। 3,570 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का समापन जम्मू-कश्मीर में होगा। यात्रा को लेकर कांग्रेस में उत्साह है। कांग्रेस को इस यात्रा से अपना जनाधार बढ़ने की उम्मीद है। वहीं विरोधी सत्तारूढ़ दल भाजपा की इस यात्रा पर नजर है।
भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस के साथ दूसरी राजनीतिक पार्टियां, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, लेखक, कलाकार और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल हो रहे हैं। इससे भाजपा घबराई हुई है। उत्तर भारत के अलावा दूसरे अन्य राज्यों में भाजपा की स्थिति कुछ खास नहीं है। भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन कुछ सालों के भीतर उत्तर भारत में अच्छा हुआ है। ऐसे में पार्टी का पूरा फोकस दक्षिण की तरफ है। इसके लिए पार्टी के दिग्गज नेता लगातार कोशिश कर रहे हैं। राहुल की यात्रा से अगर कांग्रेस के साथ जनसमर्थन जुड़ता है तो इससे भाजपा की तैयारियों को झटका लग सकता है। ऐसा भाजपा और आरएसएस के नेताओं का मानना है। इसके लिए अब भाजपा को अपनी रणनीति बदलनी होगी। भाजपा दक्षिण राज्यों को जीतना चाहती है। दक्षिण के राज्यों में भाजपा काफी कमजोर स्थिति में है। भाजपा नेता ये जानते हैं कि अगर राहुल की इस यात्रा का कुछ असर हुआ तो ये उनके लिए मुसीबत बन सकती है। यही कारण है कि राहुल की यात्रा का तोड़ निकालने की कोशिश शुरू हो गई है।
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राहुल गांधी जानते हैं कि कांग्रेस के लिए दक्षिण के राज्य कितने अहम हो सकते हैं। क्योंकि, अगर कांग्रेस को अपनी सियासी जमीन बचानी है तो दक्षिण के राज्यों की मुख्य लड़ाई में बने ही रहना होगा। अभी अधिकतर दक्षिण राज्यों में कांग्रेस मजबूती से लड़ती रही है। फिर वह केरल हो या तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश। सभी जगह कांग्रेस मुख्य लड़ाई में रहती है। लेकिन इतना तय है कि राहुल गांधी की इस यात्रा से भाजपा निश्चित ही घबराई हुई है। राहुल गांधी इसी को मजबूत करने की कोशिश में हैं। इसलिए उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का अधिक समय दक्षिण के राज्यों में दिया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश,राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली को भी छूआ है। राहुल जानते हैं कि अगर इन राज्यों में वह कांग्रेस को मजबूत बनाते हैं तो 2024 में भाजपा को परेशानी में डाल सकते हैं। वहीं, एकजुट हो रहे विपक्ष में कांग्रेस की अहमतियत बढ़ जाएगी। वहीं अब भाजपा ने अपनी योजना पर काम शुरू कर दिया है। राहुल की इस यात्रा से जुड़ी छोटी सी छोटी बात पर भाजपा नेताओं का ध्यान केंद्रित है। राहुल कोई गलती करते हैं, तो उसे तुरंत सोशल मीडिया के जरिए वायरल करने की कोशिश भाजपा नेताओं की है।
