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दशकों से मनोरंजन के साथ जागरूक भी कर रहा रेडियो


दशकों से मनोरंजन के साथ जागरूक भी कर रहा रेडियो

रेडियो सीलोन से लेकर एफएम तक के सफर में बनी हुई है लोकप्रियता

मेरठ। सामाजिक संपर्क और जन संचार का सबसे सस्ता, सुलभ और पोर्टेबल माध्यम रेडियों दशकों से लोगों का मनोरंजन करने के साथ उनको सामाजिक मुद्दों पर जागरूक करता रहा है। वर्तमान इंटरनेट के दौर में भी रेडियों की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। रेडियो सीलोन से बिनाका गीतमाला पर अमीन सयानी की आवाज से लेकर आज एफएम के दौर तक रेडियो मनोरंजन का सस्ता और सुलभ साधन बना हुआ है। वहीं जागरूकता फैलाने में भी रेडियो का मुकाबला कोई नहीं कर सकता।

पीएम नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम मन की बातों का प्रसारण भी आकाशवाणी के माध्यम से रेडियो पर किया जाता है जिसे शहरों से लेकर दूर-दराज के गांवों तक सुना जाता है। मेरठ महानगर में भी आकाशवाणी केंद्र के साथ चार एफएम स्टेशन हैं जो लोगों के दिल को छूने में कामयाब रहे हैं।

रेडियो आईआईएमटी ने किया श्रोताओं का शुक्रिया

विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर महानगर मेरठ के पहले सामुदायिक रेडियो आईआईएमटी 90.4 एफएम ने अपने श्रोताओं के बीच पहुंच कर उनका शुक्रिया अदा किया। क्योंकी आज के सोशल मीडिया के जमाने में अगर रेडियो लोकप्रिय है तो सिर्फ अपने श्रोताओं की वजह से जिन्होंने टेलीविजन-इंटरनेट के दौर में भी रेडियो को अकेला नहीं छोड़ा और भरपूर प्यार दिया। सभी श्रोता रेडियो आईआईएमटी 90.4 एफएम की टीम से मिलकर बहुत खुश हुए और सबने पूरी टीम को रेडियो दिवस की शुभकामनाएं दीं।


वर्ल्ड रेडियो डे के अवसर पर रेडियो डायरेक्टर सुगंधा श्रोतिया ने बताया की पिछले एक साल में कोरोना काल के दौरान रेडियो आईआईएमटी ने तरह-तरह के अभियान चलाकर और लोगो के बीच जाकर जनता को खूब जागरूक किया। इन कार्यक्रम में रेडियो आईआईएमटी 90.4 एफएम ने यूनिसेफ और डब्लयूएचओ के साथ मिलकर भी काम किया। इस मौके पर रेडियो टीम से आरजे हुसैन, गौरव, स्वाति, आदेश, आदित्य और श्रोताओं में बाबूराव, राजेश यादव, संजय सिंह उपाध्याय, प्रवेश कुमार वाल्मिकी, लाला जग्गीमल आदि मौजूद रहे।

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