लंदन। ब्रिटेन राजगद्दी पर सबसे लंबे समय तक रहने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गत गुरुवार को निधन हो गया था। महारानी की मृत्यु के समय उनके परिजन के लोग उनके पास थे। उनके पार्थिव शरीर को सबसे पहले बालमोरल कैसल से लंदन ले जाया जाया गया। जहां वेस्टमिंस्टर हॉल में पार्थिव शरीर चार दिनों के लिए रखा गया है। इन चार दिनों में लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे। महारानी एलिजाबेथ का पार्थिव शरीर स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में होलीरूडहाउस महल में पहुंच गया। आज सोमवार से पार्थिव शरीर के दर्शन चार दिन तक लोग कर सकेंगे। शाही परिवार ने इसकी जानकारी दी।
आज सोमवार को सम्राट चार्ल्स और क्लीन कॉन्सर्ट लंदन से एडिनबर्ग जाएंगे। दोपहर 2ः35 बजे उनके ताबूत को शाही माइल ले जाया जाएगा। राजा-रानी और परिवार के अन्य सदस्य पैदल साथ चलेंगे। ताबूत पर स्कॉटलैंड का ताज रखा जाएगा। यहां ताबूत 24 घंटे रहेगा। इसके बाद मंगलवार को संक्षिप्त प्रार्थना के बाद ताबूत को एडिनबर्ग एयरपोर्ट लाया जाएगा। जहां से एलिजाबेथ की बेटी एनी इसे लंदन ले जाएंगी। शाम आठ बजे लंदन पहुंचने पर इसकों बकिंघम पैलेस के बोरूम में रखा जाएगा।
बुधवार को सलामी के बाद ताबूत वेस्टमिंस्टर पैलेस में ले जाया जाएगा। ताबूत के साथ शाही परिवार के सदस्य मौन रखकर चलेंगे। तीन बजे यर वेस्टमिंस्टर हॉल पहुंचेगा। कैंटरब्यूरी के आर्कबिशप पूरी रस्में करेंगे। चार दिन ताबूत आम लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा।
अंतिम संस्कार से पहले 12 सितंबर को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पार्थिव शरीर को सेंट गिल्स कैथेड्रेल एडिनबरा में रखा जाएगा। इसके बाद 19 सितंबर को वेस्टमिंस्टर एबे में महारानी का अंतिम संस्कार होगा। उनके अंतिम संस्कार के दिन देश भर में अवकाश रहेगा। महारानी के अंतिम संस्तकार में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन सहित विश्व के तमाम वैश्विक नेता पहुंचकर श्रद्धांजलि देंगे।
