नई दिल्ली। क्वाड देश समूहों ने अब चीन की तानाशाही को रोकने के लिए नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। ड्रेगन के नापाक इरादों से विश्व को खतरा होने लगा है। क्वाड देश जिसमें भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल हैं, चीन की तानाशाही रोकने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा की है। क्वाड समूहों ने अब एक साथ मिलकर चीन की तानाशाही का जवाब देने की रणनीति बनाई है। क्वाड देश के विदेशमंत्रियों ने एक सुर में कहा कि समुद्री क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून, शांति और सुरक्षा हिंद-प्रशांत के विकास का आधार बना हुआ है। ऐसे में अगर कोई इसकी यथास्थिति को बदलने की कोशिश करेगा या किसी भी एकतरफा कार्रवाई को करने की कोशिश करेगा तो उसको करारा जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा सभी ने दूसरे देशों को कर्ज के जाल में फंसाने की चीन की नापाक रणनीति से निपटने के लिए योजना तैयार की है। क्वाड देशों के सभी विदेशमंत्रियों ने दुनिया के देशों से क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आह्वान किया।
क्वाड देशों ने स्थायी और अस्थायी श्रेणियों में 15 सदस्यीय विश्व निकाय विस्तार के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया है। क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी सीटों के विस्तार सहित व्यापक संयुक्त राष्ट्र सुधार एजेंडा को आगे बढ़ाने को प्रतिबद्ध हैं जिससे यह वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित कर सके और भौगोलिक दृष्टि से विविध दृष्टिकोणों को शामिल करें। क्वाड समूह के सभी देशों ने ऐसे संयुक्त राष्ट्र के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। जो वर्तमान समय की अहम चुनौतियों का समाधान कर रहा हो। इसी के साथ हमारे साझा और परस्पर संसाधनों की सुरक्षा करता हो। इसमें सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडा पूरा करने का कार्यक्रम और सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करना शामिल होगा।
बैठक में ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्री पेनी वोंग, भारत विदेशमंत्री एस जयशंकर, जापान से हयाशी योशिमासा और अमेरिकी विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन ने भाग लिया। क्वाड समूह के देशों के विदेशमंत्रियों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय प्रणाली को एकतरफा रूप से नष्ट करने के प्रयासों को संबोधित करने की जरूरत को रेखांकित किया। सभी विदेशमंत्रियों ने कहा कि क्वाड का दृष्टिकोण एक ऐसे क्षेत्र के लिए है जहां नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्थाओं को कायम किया जा सके। जहां पर स्वतंत्रता के सिद्धांत, कानून शासन, लोकतांत्रिक मूल्य, विवादों का शांतिपूर्ण समाधान, संप्रभुता के अलावा अखंडता का सम्मान हो।
द क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग यानी क्वाड की शुरुआता वर्ष 2007 में की गई थी। इसकी शुरुआत वर्ष 2000-2005 में ही हो गई थी जब भारत ने दक्षिण पूर्व एशिया के कई देशों में आई सुनामी के बाद मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया था। क्वाड समूह में चार देश अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत शामिल हैं। मार्च में कोरोना वायरस को लेकर क्वाड समूह की बैठक हुई है। इसमें पहली बार न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और वियतनाम को भी शामिल किया गया था।
