मास्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कजाकिस्तान में चल रहे छठे सीआईसीए शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान को एशिया में सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौतियों में एक बताया। पुतिन ने शंघाई सहयोग संगठन, क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी निकायों के संसाधनों का उपयोग कर अफगान में स्थिति सामान्य करने के पर जोर दिया।आधिकारिक बयानों के मुताबिक पुतिन ने एशियाई देशों को अंतर्राष्ट्रीय काउंटर-टेरोरिस्ट डेटा बैंक के साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन ने अमेरिका पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अफगान से अमेरिकी सेना की वापसी और देश की सत्ता पर तालिबान के कब्जे को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो की मौजूदगी के 20 साल बाद देश स्वतंत्र रूप से आतंकवादी खतरे से निपटने में असमर्थ है। यहां अभी विस्फोट हो रहे हैं। पुतिन ने अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो की मौजूदगी को विफल नीति बताया।पुतिन ने कहा कि रूस सीआईसीए व्यापार परिषद का एक संस्थापक देश था।
उन्होंने कहा कि रूस अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त सिद्धांतों के आधार पर समान अविभाज्य सुरक्षा की एक प्रणाली बनाने के लिए एशियाई देशों के साथ मिलकर कड़ी मेहनत कर रहा है। शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन ने रूसी देशों को आर्थिक विकास का वाहक बताया। साथ ही उन्होंने एशिया के विकास और समृद्धि के लिए खुला व्यापार और निवेश सहयोग स्थान बनाने और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग संबंधों को व्यापक और गहरा करने की बात भी कही।

