मास्को। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका के साथ उसकी कड़वाहट और अधिक बढ़ती जा रही है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अब धमकी दी कि अगर अमेरिका ने उसकी गैस कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की तो वह पश्चिमी देशों को गैस की सप्लाई पूरी तरह से रोक देगा। अगर रूस ऐसा करता है तो निश्चित ही पश्चिमी देशों में त्राहि-त्राहि मच जाएगी। इस पर अमेरिका ने आरोप लगाया कि रूस ऊर्जा को हथियार के रूप में उपयोग कर रहा है। व्हाइट हाउस ने रूसी पर आरोप लगाया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गैस सप्लाई को हथियार बना रहे हैं। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि वे यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रखेंगे तब तक कि अपने लक्ष्यों को हम प्राप्त नहीं कर लेते हैं। व्हाइट हाउस ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि पुतिन ऊर्जा को हथियार बना रहे हैं।
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पुतिन ने रूसी गैस कीमत नियंत्रित करने की कोशिश पर चेताया था कि अगर अमेरिका इस दिशा में आगे बढ़ा तो वह पश्चिमी देशों को एनजÊ आपूर्ति पूरी तरह रोक देगा। इसके जवाब में व्हाइट हाउस की सचिव जीन पियरे ने कहा कि गैस संकट से निपटने के लिए अमेरिका व यूरोपीय संघ ने टास्कफोर्स का गठन किया है। इसके तहत यूरोप के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के वैकल्पिक तरीके पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ स्वच्छ ऊर्जा के विकास की क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यूरोप में सदÊ का मौसम आने वाला है, लेकिन टास्क फोर्स का प्रभाव सकारात्मक पड़ा है। यूरोप की गैस कमी पूरी हो जाएगी। रूसी कटौती के बावजूद जर्मनी गैस भंडारण के लक्ष्य को समय से पहले प्राप्त कर लेगा। यूरोप के गैस संकट से निपटने की तेजी से तैयारी जारी है। उन्होंने कहा कि वो जानते थे कि यह पुतिन के प्लेबुक का हिस्सा बनेगा। रूस पिछले कई महीनों से गैस सप्लाई को एक हथियार की तरह उपयोग कर रहा है, इसलिए हम इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।
