नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में आबादी पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, 11 जुलाई को योगी सरकार नई जनसंख्या नीति जारी करने जा रही है और इसके लिए राज्य विधि आयोग ने यूपी जनसंख्या विधेयक 2021 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. मज़े की बात यह है कि लॉ कमीशन का कहना है कि यह ड्राफ्ट उसने खुद की प्रेरणा से तैयार किया है और इसमें किसी सरकारी आदेश का कोई हाथ नहीं है.
जनता से मांगी राय
विधि आयोग ने बकायदा इसका ड्राफ्ट सरकारी वेबसाइट पर अपलोड किया है और 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी गई है.
जा सकती है नौकरी
अगर यह लागू हुआ तो एक साल के भीतर सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय निकाय में चुने जनप्रतिनिधियों को शपथ पत्र देना होगा कि वह इसका उल्लंघन नहीं करेंगे. कानून लागू होते समय उनके दो ही बच्चे हैं और शपथ पत्र देने के बाद अगर वह तीसरी संतान पैदा करते हैं तो प्रतिनिधि का निर्वाचन रद्द करने व चुनाव ना लड़ने देने का प्रस्ताव होगा. सरकारी कर्मचारियों का प्रमोशन तथा बर्खास्त करने तक की सिफारिश है.
नसबंदी पर इनाम
अगर परिवार के अभिभावक सरकारी नौकरी में हैं और नसबंदी करवाते हैं तो उन्हें अतिरिक्त इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, पीएफ में एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन बढ़ाने जैसी कई सुविधाएं देने की सिफारिश की गई है. दो बच्चों वाले दंपत्ति अगर सरकारी नौकरी में नहीं हैं तो उन्हें पानी, बिजली, हाउस टैक्स, होम लोन में छूट व अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव है. वहीं एक संतान पर खुद से नसबंदी कराने वाले अभिभावकों को संतान के 20 साल तक मुफ्त इलाज, शिक्षा, बीमा शिक्षण संस्था व सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की सिफारिश है.

