- सीतापुर गेस्ट हाउस के बाहर लगा है कांग्रेसियों को जमावड़ा
सीतापुर। लखीमपुर खीरी हिंसा में पीड़ित किसानों और उनके परिवार से मिलने की जिद पर अड़ी प्रियंका गांधी को समझाने के प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं। 31 घंटे से अधिक समय से सीतापुर स्थिति सेकंड बटालियन पीएसी के गेस्ट हाउस में हिरासत में रखी गयीं प्रियंका गांधी को लखीमपुर खीरी न जाने के लिये अधिकारी समझाने में लगे हैं। वहीं गेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेसियों ने धरना दिया हुआ है। प्रियंका गांधी को हिरासत से रिहा न किये जाने पर उन्होंने शहर को बंद करने और जाम लगाने की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी के तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर भाजपा कार्यकर्ताओं के दो वाहनों द्वारा प्रदर्शनकारियों को टक्कर मारे जाने के बाद नाराज किसानों ने उक्त दोनों वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद भड़की हिंसा में चार किसानों और वाहनों पर सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो जाने के बाद कांग्रेंस महासचिव प्रियंका गांधी घटनास्थल की ओर जाने का प्रयास कर रहीं थीं। सोमवार सुबह लगभग 4 बजे पुलिस ने सीतापुर में प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर लिया। इससे भड़की प्रियंका गांधी ने पुलिस अधिकारियों से कहा, मेरा अपहरण कर लोगे, अपने अफसरों-मंत्रियों से वारंट लेकर आओ।
इसके बाद प्रियंका गांधी को सीतापुर स्थित सेकंड बटालियन पीएसी की गेस्ट हाउस में बंद कर दिया था। 31 घंटे से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद प्रियंका गांधी लखीमपुर खीरी जाने की बात पर अड़ी हुई हैं। वहीं पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी प्रियंका गांधी से वापस लखनऊ लौटने का आग्रह कर रहे हैं जो बेमानी साबित हो रहा है। वहीं पीएसी गेट के बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता प्रियंका गांधी को जल्द छोड़ने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेसियों का आरोप है कि प्रियंका गांधी को बेवजह हिरासत में रखा हुआ है। वहीं कांग्रेसियों के बवाल किये जाने की आशंका पर पुलिस ने जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी करने के साथ शहर में जगह-जगह पर बैरिकेडिंग लगा दिये हैं। कांग्रसियों की हर गतिविधि पर पुलिस-प्रशासन की निगाहें गढ़ी हुई हैं।

