- प्रियंका ने पढ़ी तो कवि पुष्पयमित्र ने कहा, घटिया राजनीति के लिये नहीं है मेरी कविता
नई दिल्ली। हाल ही में चित्रकूट दौरे पर पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने महिलाओं से संवाद करते हुए ‘उठो द्रौपदी शस्त्र संभालों’ कविता कह कर महिलाओं में उत्साह का संचार किया था। मगर इस कविता के रचियता कवि पुष्पयमित्र उपाध्याय ने प्रियंका गांधी के अपनी लिखी कविता पढ़ने पर आपत्ति जताते हुए उनपर कविता चोरी का इल्जाम लगाया है।
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बुधवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी किनारे रामघाट पर प्रियंका गांधी के कविता पढ़ते हुए वीडियो को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट किया था। जिसके बाद कवि पुष्पयमित्र उपाध्याय ने उस पोस्ट को री-ट्वीट करते हुए लिखा है ‘प्रियंकाजी ये कविता मैंने देश की स्त्रियों के लिए लिखी थी न कि आपकी घटिया राजनीति के लिए। न तो मैं आपकी विचारधारा का समर्थन करता हूं और न आपको ये अनुमति देता हूं कि आप मेरी साहित्यिक संपत्ति का राजनीतिक उपयोग करें। कविता भी चोरी कर लेने वालों से देश क्या उम्मीद रखेगा?’
कवि पुष्पयमित्र उपाध्याय के अनुसार वह कविता उन्होंने 2012 में हुए निर्भया प्रकरण के बाद महिलाओं के लिये लिखी थी। उन्होंने प्रियंका गांधी से कहा है कि उक्त कविता का संदेश और आह्वान आपकी राजनीतिक कुंठाओं से अलग और व्यापक है। उन्होंने राजनीतिक संस्थानों से कविता का प्रयोग क्षुद्र राजनीतिक आकांक्षाओं की पूर्ति के लिये न करने का अनुरोध किया है।
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गौरतलब है इस कविता को लिखने के लिए कवि पुष्पयमित्र उपाध्याय को हिंदी संस्थान की तरफ से पुरस्कृत किया जा चुका है। अब प्रियंका गांधी के इस कविता का पाठ किये जाने के बाद यह कविता एक बार फिर चर्चा में है। कवि के आरोपों को लेकर सोशल मीडिया वर्ग भी दो गुटो मे बंट गया है। एक वर्ग जहां कवि को संघी-भाजपाई साबित करने में जुटा है तो दूसरा वर्ग कविता का इस्तेमाल राजनीति में करने वाली प्रियंका गांधी पर सवाल खड़े कर रहा है।

