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Prisoner Dies In Jail: डासना जेल में बंदी की मौत, जेल प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

गाजियाबाद। गाजियाबाद की डासना जेल में एक बंदी की मौत हो गई। शुरुआती दौर में बंदी ने सांस फूलने की शिकायत की थी। जिसके बाद उसको अस्पताल ले जाया गया। लेकिन बताया जाता है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया था। लेकिन जेल अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद बंदी की हालत बिगड़ती चली गई।

​इसके बाद उसने संजय नगर स्थित जिला संयुक्त अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने बंदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मजे की बात जो पता मृतक बंदी का जेल में लिखा हुआ है। उस पते पर बंदी का कोई भी परिजन नहीं रहता है। तमाम प्रयास के बाद अभी तक बंदी के परिजनों का कुछ पता नहीं चल सका है। अभी तक उसकी लाश के वारिस के रूप में कोई नहीं पहुंचा है। बहराल जेल प्रशासन मृतक बंदी के परिजनों का पता लगाने में जुटा है।

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जानकारी देते हुए जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि गत अगस्त 2021 में हापुड़ पुलिस ने सुल्तानपुर निवासी 61 साल के जंगल गिरी पुत्र मान गिरी को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा ​था। उसके बाद से ही यह बंदी जेल में बंद था। जब से वह जेल में बंद हुआ उसके बाद से उससे मिलने के लिए कोई नहीं आया। उन्होंने बताया कि अचानक जंगल गिरी को सांस लेने में दिक्कत हुई। लेकिन जब तक उसको अस्पतला लेकर जाते उसने दम तोड़ दिया।

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वहीं जेल प्रशासन के अनुसार उसको पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराकर प्राथमिक उपचार दिया गया था। लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उसको जिला संयुक्त अस्पताल में रेफर किया। लेकिन उपचार के दौरान जंगल गिरी की मौत हो गई। सूत्रों की माने तो अगर बंदी को पहले समय से उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती है जेल में बंदी की मौत पर जेल प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने पूरे मामले की जांच की बात कही है।

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