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सरकारी संपत्तियां को बड़े पैमाने पर बेचने की तैयारी, नीति आयोग बना रहा मास्टर प्लान


सरकारी संपत्तियां को बड़े पैमाने पर बेचने की तैयारी, नीति आयोग बना रहा मास्टर प्लान

नई दिल्ली: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने नीति आयोग को अगले 5 साल में संपत्तियों को बेचने का प्लान तैयार करने को कहा है। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सरकार अपनी फंडिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस राह पर आगे बढ़ने पर विचार कर रही है। कारोबारी संगठन फिक्की की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव के. राजराजन ने पिछले दिनों बताया था कि नीति आयोग ने 1 लाख करोड़ रुपये एसेट मोनेटाइजेशन का प्लान तैयार किया है।

नीति आयोग को मिली ज़िम्मेदारी
उन्होंने कहा कि अब हमने नीति आयोग से अगले 5 साल के लिए प्लान तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्लान तैयार करने से मार्केट को यह संकेत दिया जा सकेगा कि आने वाले वक्त में किन सेक्टर्स में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश को आकर्षित करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं। 2019 से 2025 के बीच नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लान के तहत 111 लाख करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया गया है, जिस पर कर्ज मिलना एक चुनौती है और सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

टास्क फोर्स ने सौंप रिपोर्ट
सरकारी अधिकारी के मुताबिक इस नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लान पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को टास्क फोर्स ने रिपोर्ट सौंपी है। इसके साथ ही बॉन्ड मार्केट से रकम जुटाने, लैंड मोनेटाइजेशन जैसे कई प्लान सुझाए गए हैं, जिनके जरिए इस प्लान के लिए रकम जुटाई जा सकती है। दिसंबर में टास्क फोर्स ने नेशनल इन्वेस्टमेंट प्लांट को लेकर अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें 102 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स के बारे में बताया था, जिन्हें अगले 5 सालों में लागू किया जाना है।

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