नई दिल्ली। वेस्टइंडीज औऱ इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच से हुई क्रिकेट की वापसी से फैंस काफी खुश हैं. हालांकि यह मैच अंपायरों के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है. मैच के तीसरे दिन पांच बार वेस्टइंडीज ने अंपायर के फैसले के खिलाफ डीआरएस लिया गया और जिसमें चार बार अंपायर गलत साबित हुए. मैच के तीसरे दिन अपने कप्तान बेन स्टोक्स की बदौलत वेस्टइंडीज की लीड को 114 रनों पर ही रोक दिया. दोनों टीमों की बल्लेबाजी के दौरान पांच डीआऱएस का इस्तेमाल किया गया. फील्ड अंपायर रिचर्ड केटेलबोरोह और रिचर्ड इलिंगवर्थ के लिए दिन काफी मुश्किल साबित हुआ और दोनों पर सवाल उठने लगे हैं.
25वें ओवर में लिया गया पहला डीआरएस
मैच में पहला डीआरएस 25.4 ओवर में लिया गया. शैनॉन ग्रैबिएल की गेंद थी जो बर्न्स के पैड पर लगी. अंपायर ने नॉटआउ करार दिया. हालांकि वेस्टइंडीज ने डीआरएस लिया और फैसला पलट गया. बर्न्स अच्छी स्थिति में थे और 35.29 के स्ट्राइक रेट से 30 रन बना चुके थे. इसके बाद 33वें ओवर में जेसन होल्डर की गेंद पर क्रॉले एलबीडब्ल्यू नहीं दिया गया और कप्तान ने डीआऱएस लेने का फैसला लिया. इस बार भी विंडीज की टीम सही साबित हुई और क्रॉले केवल 10 रन बनाकर आउट हो गए.
5वां विकेट भी डीआरएस से
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को बिना खाता खोले पवेलियन लौट जाने का श्रेय भी डीआरएस को ही गया. होल्डर की गेंद इस बार आर्चर के फ्रंट पैड पर लगी हालांकि अंपायर ने इस बार भी आउट नहीं दिया. हालांकि होल्ड को भरोसा था और उन्होंने डीआरएस लिया. आर्चर के साथ ही होल्डर ने अपने पांच विकेट पूरे किए थे.
कैंपबेल ने तीन बार लिया रिव्यू
डीआऱएस का यह सिलसिला इंग्लैंड की गेंदबाजी के दौरान भी जारी रहा. जेम्स एंडरसन की गेंद पर कैंपबेल को अंपायर ने आउट दे दिया. हालांकि आखिरी सेकंड में कैंपबेल ने रिव्यू लेने का फैसला किया और साथ ही अपना विकेट भी बचाया. छह ओवर बाद ही अंपायर ने एंडरसन की गेंद पर फिर से कैंपबेल को आउट करार दिया दिया लेकिन एक बार फिर वेस्टइंडीज ने डीआरएस के साथ फैसला बदल दिया.
इकलौती राहत
अंपायर इलिंगवर्थ को आखिरकार सफलता मिला जब उसी ओवर की आखिरी गेंद पर तीसरी बार कैंपबेल के खिलाफ एलबीडब्ल्यू अपील हुई और अंपायर ने आउट करार दे दिया. कैंपबेल ने रिव्यू लिया लेकिन इस बार फील्ड अंपायर का फैसला माना गया.

