Site icon Buziness Bytes Hindi

Delhi-NCR Pollution: एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति खराब, वर्क फ्रॉम होम का सुझाव

Delhi-NCR Pollution

नई दिल्ली। मेरठ सहित दिल्ली एनसीआर की वायु गुणवत्ता दिनों—दिन खराब होती जा रही है। शाम को मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक एक बाद फिर 300 के आसपास पहुंच गया। वहीं गाजियाबाद और नोएडा के हालात भी इस समय काफी भयावह हो गए हैं। एनसीआर में वायु गुणवत्ता गंभीर स्थिति में पहुंचने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पूरे एनसीआर में ग्रेप की सख्ती को और बढ़ा दिया है। आयोग ने कं​पनियों से कहा है कि अगर संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम कुछ दिन के लिए लागू करे। जिससे वायु प्रदूषण ना फैले। इससे परिवहन साधनों का उपयोग कम होगा। वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्थिति में पहुंचने पर सांस के मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दोपहर के बाद सांस के मरीजों की परेशानी अधिक बढ़ रही है। शनिवार शाम को वायु गुणवत्ता सूचकांक एक ​बार फिर से एनसीआर में खतरनाक स्तर पर पहुंचा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक ऐसी स्थिति में पहुंचने के बाद इसको नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण विभाग के अलावा अन्य 22 विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने शनिवार की शाम वायु गुणवत्ता सूचकांक में बढ़ोत्तरी होने के बाद ग्रेप को ग्रुप दो से हटाकर ग्रुप तीन में कर दिया। ग्रुप तीन में ग्रेप के लागू होने के बाद अब चुनिंदा सेवाओं को छोड़ सभी विभागों में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने यह निर्णय एनसीआर में आने वाले सभी जिलों पर लागू किया है।

वहीं एनसीआर में आने वाले जिलों के राज्य सरकारों को सलाह दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बीएस-3 के पेट्रोल और बीएस-4 के डीजल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाए। आयोग ने अपील की है कि लोग अब सार्वजनिक परिवहन के अलावा शेयर राइड का उपयोग अधिक करें। इसके अलावा साइकिल का उपयोग या पैदल अधिक कारगर रहेगा। अगर कार्य प्रभावित ना हो तो वर्क फ्रॉम होम कर सकते हैं। इसके अलावा लकड़ी या कोयला भी नहीं जलाने की सलाह दी गई है। आयोग ने चुनिंदा विभागों को छोड़कर एनसीआर के सभी जिलों में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

Exit mobile version