देश में साम्प्रदायिक सौहार्द का ताना बाना कितनी तेज़ी से बिगड़ रहा है यह हिन्दू महासभा के नेताओं के उस पत्र से पता चलता है जो खून से लिखा गया है और जिसमें जुमे की नमाज़ पर पूरी तरह पाबन्दी लगाने की राष्ट्रपति से मांग की गयी है. यह पत्र राष्ट्रिय सचिव पूजा शकुन पाण्डेय, सभा के राष्ट्रिय प्रवक्ता अशोक पांडेय और दूसरे कई अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा लिखा गया है.
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खून से लिखे इस में राष्ट्रपति कोविंद से कहा गया है कि कानपूर में जिस तरह की घटना घटित हुई वह असहनीय है. पत्र में आगे कहा गया है कि मामला चाहे आज़ादी पहले का हो या आज़ादी के बाद का, इसके साथ ही कुछ चुनिंदा घटनाओं का उल्लेख कर मांग की गयी है कि जुमे की नमाज़ पर फ़ौरन पाबन्दी लगाईं जाय.
बता दें कि गांधी पार्क थाना इलाके के के बिंदास कंपाउंड में बने हिन्दू महासभा के कार्यालय में कई विवादित पोस्टर भी लगाए गए थे. बता दें कि पूजा शकुन ने 5 जून को राष्ट्रपति को जारी ज्ञापन में जुमे के दिन को इबादत का दिन न होकर आतंक का दिन बताया है. इस ज्ञापन में अन्य मांगों के अलावा यह मांग भी गयी है कि जुमे के दिन जिस मस्जिद से तक़रीर के बाद कोई दंगा होता है उस मस्जिद को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया जाय.
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अपने इस ज्ञापन को पब्लिक करने पर अब पूजा शकुन पांडेय घिर गई हैं. हालाँकि उन्होंने उन्होंने विवादित टिप्पणियों को लेकर माफी मांगी है लेकिन प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए पूछा है की क्यों न उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाय, जवाब के लिए उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया हैं। ये पूजा शकुन वहीँ हैं जिन्होंने महात्मा गाँधी के कट आउट पर संकेतात्मक रूप से गोली चलाई थी. अलीगढ के थाना गांधी पार्क में अब इनके खिलाफ IPC की धारा 153A/153B/295A/298/505 के तहत FIR दर्ज की गई है.
