नई दिल्ली। दीपावली के नजदीक आने पर मौसम में बदलाव दिखने लगा है। सुबह और शाम को हल्की ठंड शुरू हो गई है। कुछ स्थानों पर सुबह के समय हल्का कोहरा नजर आ रहा है। तापमान में काफी अंतर दिखाई दे रहा है। बारिश के आसार अब कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। लेकिन प्रदूषण को लेकर हालात अच्छे नहीं हैं। मेरठ और नई दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक काफी बढ़ा हुआ दर्ज किया जा रहा है।
पश्चिमी उप्र में वेस्ट में प्रदूषण की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। मंगलवार को जहां मेरठ और मुजफ्फरनगर देश में पहले और दूसरे स्थान पर रहे। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जारी बुलेटिन में दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 290 से ऊपर दर्ज किया था। जबकि 177 शहरों में हापुड़ पहले स्थान पर था। हापुड का एक्यूआइ 299 में था। दीपावली के पहले प्रदूषण की गंभीरता को लेकर अगर अभी से कोई सुरक्षात्मक उपाय नहीं उठाए तो स्थिति और भी भयावह होगी।
इन दिनों मेरठ में रैपिड, हाईवे का निर्माण के साथ ही उखड़ी हुई सड़कों से उड़ रही धूल ने महानगर के लोगों को प्रदूषण से पस्त कर दिया है। इन सबके बावजूद भी प्रशासन, प्रदूषण विभाग और अन्य जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे हैं। मेरठ में गत बुधवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री रहा था।
जबकि उससे पहले मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री था। इस बार अक्टूबर माह में ही मेरठ और एनसीआर में औसत से चार गुना अधिक बारिश हो चुकी है। इसके पहले 2013 में 91 मिलीमीटर बारिश हुई थी। बारिश धान की फसल के लिए नुकसानदेह साबित हुई है। गन्ने की फसल को इस समय इतने अधिक पानी की जरूरत नहीं होती।

