गुजरात दंगों के दौरान सामूहिक रेप का शिकार हुई बिलकिस बानो के सभी 11 जीवित बलात्कारी जो उम्र कैद की सजा काट रहे थे, 75 वे स्वतंत्रता दिवस गुजरात की भाजपा सरकार की मेहरबानी और माफ़ी से गोधरा उप-कारागार से रिहा कर कर दिए. गुजरात सरकार ने अपने विवेक से फैसला लेते हुए अपनी माफी नीति के तहत इन रेपिस्टों की रिहाई की दरख्वास्त को मंजूरी दी थी। इन रेपिस्टों की रिहाई के बाद जहाँ बिलकीस बानो का परिवार आहत है वहीँ विपक्षी पार्टियों ने भाजपा सरकार के इस फैसले पर पार्टी को घेरना शुरू किया है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिलकीस बानो के बलात्कारियों की रिहाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टारगेट करते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी में अंतर है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि 5 महीने की गर्भवती महिला बिलकीस बानो के रेपिस्टों और उसकी मासूम बच्ची के हत्यारों को ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के दौरान रिहा किया गया। राहुल ने आगे लिखा कि नारी शक्ति की झूठी बातें करने वाले देश की महिलाओं को क्या संदेश दे रहे हैं? राहुल ने कहा, प्रधानमंत्री जी, पूरा देश आपकी कथनी और करनी में फर्क देख रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में महिलाओं के सम्मान की बात कही थी. राहुल गाँधी ने पीएम मोदी के उसी उद्बोधन का हवाला देकर उनपर निशाना साधा है.
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राहुल के आलावा प्रियंका गाँधी ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला है, प्रियंका ने अपने ट्वीट में कटाक्ष करते हुए सवाल किया है कि प्रधानमंत्री जी महिलाऐं सवाल पूछ रही हैं कि स्त्री का सम्मान क्या केवल भाषणों के लिए है. प्रियंका ने लिखा कि एक गर्भवती महिला के साथ गैंगरेप व उसकी बच्ची की हत्या के अपराध में सभी अदालतों से सजा पा चुके अपराधियों की भाजपा सरकार द्वारा रिहाई, कैमरे के सामने स्वागत- क्या अन्याय व संवेदनहीनता की पराकाष्ठा नहीं है?

