UP Nagar Nikay Chunav 2022: 2017 के परिसीमन के आधार पर ही होगा निकाय चुनाव,निगम में डाले जाएंगे ईवीएम से वोट

 
UP Nagar Nikay Chunav 2022:

मेरठ। नगर निकाय चुनाव दिसंबर में होने की संभावनाओं के चलते इसकी तैयारी प्रशासन और निगम स्तर पर शुरू की जा चुकी है। मेरठ महानगर में इस बार वार्डों का परिसीमन नहीं हुआ। लिहाजा वर्ष 2017 के परिसीमन के आधार पर ही वार्डों में इस बार निकाय चुनाव होने हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार इस बार नगर निगम में ईवीएम से मतदान होगा। बाकी निकायों में बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी निकायों में प्रत्याशियों के नामांकन शुल्क, जमानत राशि और चुनाव में होने वाले खर्च की व्यय सीमा भी तय कर दी है। चुनाव की तैयारियों को लेकर डीएम दीपक मीणा एक बार बैठक भी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2022 तक 18 वर्ष या अधिक आयु वाले नागरिकों के नाम निर्वाचक नामावलियों में सम्मिलित होंगे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से तैयारी में जुटने के निर्देश दिए हैं।

जिले में कुल 1371 पोलिंग बूथ हैं। जिनमें 1009 बूथ नगर निगम के हैं। नगर निगम के एक बूथ पर चार ईवीएम लगाई जाएगी। कुछ मशीनें रिजर्व में भी रखी जाएंगी। कुल मिलाकर प्रशासन को चुनाव में 6000 ईवीएम की जरूरत होगी।  राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रशासन को सूचना दी है कि वर्ष 2017 के चुनाव में उपयोग हुईं ईवीएम को इस बार चुनाव में प्रयोग में नहीं लाया जाएगा। बताया गया है कि जिला प्रशासन के पास पांच साल से रखी ईवीएम का टेक्निकल परीक्षण नहीं हुआ, ऐसे में काफी संख्या में मशीनों के खराब होने की भी संभावना बनी है। मेरठ निकाय  चुनाव के लिए तमिलनाड़ु से ईवीएम भेजे जाने की जानकारी है। 

शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए पुलिस अपनी तैयारी कर रही है। ‘सी-प्लान’ एप से जुड़े डिजिटल वॉलेंटियर्स की संख्या बढ़ाई जा रही है। स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए मोहल्ले से 10-10 संभ्रांत लोगों के नाम, मोबाइल नंबर अपडेट किए जा रहे हैं। यह एप कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने और कानून-व्यवस्था के लिए जनता की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया है। एप का संचालन लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से ही सीधा किया जाएगा। इसे डीजीपी के कंट्रोल रूम और यूपी-112 के कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। हर इलाके से जुड़े डिजिटल वॉलेंटियर्स अपने इलाके की संवेदनशील गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर फैलने वाली अफवाहों के बारे में तत्काल पुलिस को सूचना देंगे। जिससे किसी भी प्रकार की हिंसा और अपराध को समय रहते काबू किया जा सकेेगा।