बिलकिस बानो गैंगरेप के 11 दोषियों की भाजपा शासित गुजरात सरकार द्वारा सजा माफी पर पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से सीधा सवाल करते हुए शिवसेना ने पूछा है कि क्या बलात्कारियों के सम्मान को भाजपा ‘हिंदू संस्कृति’ कहती है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में भाजपा के शीर्ष नेताओं के खिलाफ यह टिप्पणी की गयी है.दरअसल ‘सामना’ ने यह मुद्दा इसलिए उठाया है क्योंकि बिलकिस बानो मामले में सजायाफ्ता 11 बलात्कारियों को जेल से रिहा किये जाने के बाद भाजपा के स्थानीय नेताओं ने उनका अभिनंदन किया था।सामना में कहा गया है कि शरद पवार ठीक ही कहते हैं कि पीएम मोदी की कथनी और करनी में भारी अंतर है।
‘सामना’ में हैरानी जताते हुए कहा गया तो पीएम मोदी एक तरफ तो लाल किले के प्राचीर से महिलाओं के लिए बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, दूसरी ओर गुजरात में भाजपा साहसित सरकार बलात्कारियों को माफ़ी देकर जेल से रिहा करती है। सामना में सवाल किया गया कि क्या बलात्कारियों को छोड़े जाने से महिलाओं के सशक्तिकरण को बल मिलेगा। ‘सामना’ ने पीएम मोदी और एचएम अमित शाह से इस मामले में उनकी चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वो मानते हैं कि रेपिष्टों के सम्मान करना ‘हिंदू संस्कृति’ का हिस्सा है। क्या बलात्कारियों को इसलिए रिहा किया गया कि पीड़िता मुस्लिम थी. ‘सामना’ के लेख में यह भी कहा गया कि बिलकिस बानो मामले में गुजरात सरकार की कार्रवाई पर जो रिएक्शन आ रहा है, जिस तरह देश के बुद्धिजीवी लगातार कर रहे हैं, सरकार को पत्र लिख रहे हैं उससे साबित होता कि गुजरात सरकार का फैसला पूरी तरह से अनैतिक है.

