राजस्थान के नए सीएम के रूप में Sachin Pilot के नाम पर लगी मुहर!

 
Sachin Pilot

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत के एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर सरेंडर करने के बाद अब जो खबरें सामने आ रही हैं उनके मुताबिक राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने वाले सचिन पायलट की तमन्ना अब पूरी होती दिखाई दे रही है. कांग्रेस आला कमान के गलियारों से छनकर जो खबरें आ रही हैं उनके मुताबिक पायलट के नाम पर मुहर लग चुकी है. इसी बीच पता चला है कि भारत जोड़ो यात्रा के बीच राहुल गाँधी का अचानक दिल्ली दौरा हो रहा है. इस दौरे के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर राहुल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मंत्रणा करने आ रहे हैं. चूँकि अध्यक्ष पद के चुनाव का कनेक्शन राजस्थान के सीएम की कुर्सी से भी जुड़ा हुआ है इसलिए उसपर भी बात होना लाज़मी है. 

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव अगले महीने होना है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सांसद शशि थरूर, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बाद अब बागी गुट के मनीष तिवारी भी इस रेस में बताया जा रहा है. हालाँकि 71 वर्षीय अशोक गहलोत को गांधी परिवार की पसंद माना जाता है, गेहलोत गाँधी परिवार के वफादारों में से एक माने जाते हैं और इसीलिए न चाहते हुए वो कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने को सहमत हुए हैं. चूँकि सोनिया के बाद आज राहुल ने भी उन्हें एक व्यक्ति एक पद की बात याद दिला दी इसलिए उन्हें सचिन पायलट के लिए सीएम की कुर्सी छोड़नी ही पड़ेगी, हालाँकि इस बीच राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सी पी जोशी का भी मुख्यमंत्री पद के लिए नाम उछाला गया है. 

दरअसल सचिन पायलट ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता में लाने में बहुत मेहनत की थी लेकिन फिर अशोक गेहलोत को पार्टी आला कमान का आशीर्वाद मिल गया, कहा गया कि राजस्थान जैसे राज्य को चलाने के लिए गेहलोत के अनुभव की ज़रुरत है, क्योंकि गेहलोत पहले भी राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके थे. हालाँकि उस समय ऐसा कुछ तय होने की बात कही गयी थी कि ढाई साल बाद गेहलोत सचिन पायलट के लिए कुर्सी छोड़ देंगे लेकिन ढाई साल गुजरने के बाद भी गेहलोत ने कुर्सी नहीं छोड़ी तब पायलट ने 2020 बागी तेवर अपना लिए थे और राहुल व प्रियंका के हस्तक्षेप से राजस्थान सरकार गिरते गिरते बची थी.