Home पॉलिटिक्स Game of Traitor: फिर गद्दार गद्दार का खेल खलने लगे गेहलोत

Game of Traitor: फिर गद्दार गद्दार का खेल खलने लगे गेहलोत

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Game of Traitor: फिर गद्दार गद्दार का खेल खलने लगे गेहलोत

गुजरात में विधानसभा चुनाव सिर पर है और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत जो गुजरात चुनाव के इंचार्ज भी हैं एकबार फिर गद्दार गद्दार का खेल खेलने लगे हैं. सचिन पायलट को अपना मुख्य विरोधी मानने वाले अशोक गेहलोत ने आज फिर सचिन पायलट को खुले आम गद्दार कहा और वो भी एकबार नहीं कई बार, मौका था एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देने का जिसमें अशोक गेहलोत ने सचिन पायलट के खिलाफ दिल खोलकर भड़ास निकाली।

भाजपा से मिले हुए हैं पायलट

NDTV को दिए एक हालिया इंटरव्यू में अशोक गेहलोत ने सचिन पायलट को लेकर खूब खरी खरी खोटी सुनाई, उन्होंने कहा कि सचिन पायलट को कांग्रेस आला कमान कभी मुख्यमंत्री नहीं बना सकता। उन्होंने कहा जिसके पास 10 विधायक भी नहीं हैं वो राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहा है, पार्टी से बगावत कर रहा है, वो गद्दार हैं और भाजपा से मिले हुए हैं. 2020 में उनकी बगावत को भाजपा ने ही फण्ड किया था.

माफ़ी मांग लेते पायलट तो बदल जाती स्थिति

गेहलोत ने कहा कि पार्टी विधायक सचिन पायलट की 2020 में की गयी बगावत से बहुत नाराज़ हैं, वह सचिन पायलट को मुख्यमंत्री के रूप में कभी स्वीकार नहीं कर सकते। गेहलोत ने कहा कि अगर सचिन पायलट ने पाने किये के लिए माफ़ी मांग ली होती तो शायद आज स्थिति थोड़ी दूसरी होती. गेहलोत ने इस वर्ष सितम्बर पार्टी विधायकों की नाराज़गी पर बोलते हुए कहा कि उनकी नाराज़गी पार्टी आला कमान के खिलाफ नहीं सचिन पायलट के खिलाफ थी. उन्होंने कहा कि जो हुआ था वो अच्छा नहीं था , इसीलिए मैंने सोनिया गाँधी से माफ़ी मांगी थी. इंटरव्यू में गेहलोत ने बड़े विस्तार से सचिन पायलट को लेकर बात की, ऐसा लगा जैसे बहुत दिनों से उनके मन में यह सब भरा हुआ था जो बाहर निकल आया, लेकिन क्या इसके लिए यह समय सही था, इसपर सवाल ज़रूर उठेगा।

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