भारत में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें चुनाव की तारीखों से निर्धारित होती हैं: कांग्रेस

 
गौरव बल्लभ

कांग्रेस ने आज पेट्रोल डीज़ल और एलपीजी के दामों को लेकर मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया। कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव बल्लभ ने कहा भारत में पेट्रोल डीज़ल की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय बाजार से नहीं बल्कि चुनाव की तारीखों पर निर्धारित होती हैं. गौरव वल्लभ ने भाजपा सरकार को घेरते हुए पूछा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम कम हैं तो फिर महंगा क्यों बेचा जा रहा है। 

प्रेस ब्रीफिंग में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मैं जो आंकड़े पेश कर रहा हूँ वो सरकारी आंकड़े हैं. उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीने के आंकड़ों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 24.14 फीसदी कम हुए हैं। लेकिन इस दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं आई है। गौरव बल्लभ ने तंज़ करते हुए कहा कि अगर 24.14 प्रतिशत कमी के बजाय क्रूड आयल के दाम बढ़ जांय यह तो सरकार कहती है कि भाइयों बहनो आज मध्य रात्री 12 बजे से..., कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल कि कच्चे तेल की कीमतें कम होने पर इस तरह के बयान सरकार के मुंह से क्यों सुनाई नहीं देते हैं? 

गौरव बल्लभ ने कहा 2014 में मई महीने में क्रूड आयल के दाम 106.49 डॉलर प्रति बैरल थे उस वक्त दिल्ली में पेट्रोल 71 रुपये और डीजल 55 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था। वहीँ आज क्रूड आयल के दाम 81 डॉलर प्रति बैरल और दिल्ली में पेट्रोल 100 रुपये और डीजल 90 रुपये में मिल रहा है. वललभ ने पूछा मोदी जी ऐसा क्यों?" कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने अपनी बात को एक्सप्लेन करते हुए कहा कि पेट्रोल- डीजल की 50 फीसदी जो कॉस्ट है वो कच्चे तेल की कीमत है। बाकी जो 50 प्रतिशत है सरकार का टैक्स है। इस तरह 100 रूपये के पेट्रोल पर 50 रूपये सरकार टैक्स के रूप में ले रही है. अगर कच्चे तेल में 24.14 प्रतिशत की कमी को लोगों में पास कर दिया जाय तो पेट्रोल डीज़ल के दामों में भारी कमी हो सकती है.