मोदी जी के दो ही भाई, बेरोज़गारी और महंगाई: सुप्रिया श्रीनेत

 
सुप्रिया श्रीनेत

आगामी 4 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महंगाई पर ‘‘हल्ला बोल’’ विशाल ऐतिहासिक रैली का आयोजन कांग्रेस पार्टी द्वारा किया जा रहा है.  इसी इस संदर्भ में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत द्वारा लखनऊ में कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस को सम्बोधित किया गया।

प्रेस वार्ता में सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष में रह कर बहुत बड़ी बड़ी बात करते थे - आज उन्होंने ही जनता को महंगाई के बोझ तले दबा दिया है।  देश में 83 प्रतिशत लोगों की आय घट गयी है, तब देश को महंगाई तले रौंदा जा रहा है। और यह महंगाई पेट्रोल, डीज़ल तक ही सीमित नहीं है - आटे, दाल, चावल, दूध, दही, लस्सी के दामों में भी आग लगी है। सरकार की वित्त मंत्री कहती है न हम दही पीते है और न ही प्याज, लहसुन खाते है। सरकार के इस गैर जिम्मेदाराना बयान से पूरी जनता भुगत रही है। 

सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार के झुठ गिनाते हुए कहा कि पहला निर्मला सीतारमण ने साफ़ झूठ बोला राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने लिखित में जीएसटी काउन्सिल की बैठक में टैक्स लगाने का विरोध किया था।

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दूसरा, जीएसटी काउन्सिल में केंद्र सरकार के पास 33 प्रतिशत वोट होता है और प्रत्येक राज्य के पासमात्र 2 प्रतिशत तो किसी भी राज्य को टैक्स के निर्णय का विरोध करने के लिए या तो केंद्र सरकार नहीं तो 25 राज्य सरकारों का साथ चाहिए होता है। पर 25 में से 19 तो भाजपा शासित हैं। तो एक बात साफ़ है- दाम बढ़ाने का निर्णय भाजपा सरकारों और केंद्र सरकार के कारण हुआ है। महंगाई पर संसद में मंत्री कहते हैं फ्री फंड का खाना खिलवा रहे हैं दूसरे सदस्य कहते हैं बाजार में कहीं महंगाई है ही नहीं। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लोगों को राशन दिया जा रहा है वह जनता के पैसे से ही आता है न कि भाजपा कार्यालय से।  दरअसल मोदी जी के दो ही भाई, बेरोज़गारी और महंगाई।